सोमवार, 11 मई 2015

क्रमादेशित अधिगम : विविधाओं की शैक्षिक स्वीकृति

मनोज कुमार

अगर विद्यालय को एक ऐसी व्यवस्था बनाना 20वीं शताब्दी की चुनौती थी जो पहले के अशिक्षित नागरिकों के जनसमूहों को न्यूनतम शिक्षा और बुनियादी समाजीकरण प्रदान कर सके तो 21वीं सदी की चुनौती ऐसे विद्यालयों का निर्माण करना है जो सभी छात्रों के लिए और सभी समुदायों में शिक्षा का एक सच्चा अधिकार सुनिश्चित कर सकें । इस नई चुनौती का सामना करना कोई अतिरिक्त दायित्व निभाना नही है  इसके लिए एक बुनियादी तौर पर भिन्न उद्यम की आवश्यकता है  और इसके लिए अध्यापक निरंतर प्रयत्नशील है ।
जिस ढ़ग से शिक्षक शिक्षार्थी को ज्ञान प्रदान करता है उसे शिक्षणविधि कहतें हैं । शिक्षण विधि पद का प्रयोग बड़े व्यापक अर्थ में होता है । एक ओर तो इसके अंतर्गत अनेक प्रणालियाँ एवं योजनाएँ सम्मिलित की जाती हैं, दूसरी ओर शिक्षण की बहुत सी प्रक्रियाएँ  भी सम्मिलित कर ली जाती हैं । क्रमादेशित अधिगम बी0 एफ0 स्कीनर द्वारा प्रतिपादित  आत्म अनुदेशित नवाचर अधिगम  प्रणाली है  जिसमें विषयवस्तु को  अनुक्रम में बांट, अधिगमकर्त्ता के अधिगम अनुभवों में आत्मसुधार  करके उसे ज्ञात से अज्ञात की ओर अग्रसर किया जाता है ।

वर्तमान कक्षा कक्ष समावेशित बनते जा रहे है जिसमें भिन्नताओं को स्वीकृत कर सीखने वाले बालक को शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में  सक्रिय रुप से सम्मिलित कर उसके  सीखने के तरीकों से सीखाने की प्रवृत्ति  पर जोर दिया जाने लगा है । क्रमादेशित अधिगम  के द्वारा प्रत्येक बालक की सीखने में भागीदारी सुनिश्चित कर सीखने में सहायता मिलती है ।  ऐसे बालकों जिनकी कुछ विशिष्ट शैक्षिक आवश्यकतायें होती है उन्हे भी क्रमादेशित अधिगम के माध्यम से अन्य सभी बालकों के साथ किसी विषय वस्तु को उपयोगी ढंग से सीखाया जा सकता है , क्योंकि  क्रमादेशित अधिगम व्यक्तिगत अनुदेशन का एक तरीका है  जिसमें सीखने वाले कि सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करते हुए किसी विषय वस्तु को रोचक तरीकें से सीखने वाले की सीखने की गति में  उनकी प्रतिक्रियाओं को जानते हुए सीखाया जा सकता है ।

क्रमादेशित अधिगम का अर्थ
क्रमादेशित अधिगम  अधिगम में सुधार की एक प्रणाली है, जिसमें विषय वस्तु को छोटे-छोटे तर्कपूर्ण खण्डों मे विभाजित करके, अधिगम अनुभवों मे आत्मसुधार किया जाता है। डेल,एडगर के अनुसार, क्रमादेशित अधिगम सीखने की एक आत्मनिर्देशित व्यवस्था है, जिसमें विषयवस्तु को तार्किक अनुक्रम में बाँट कर स्व शिक्षण के माध्यम से सीखना सुनिश्चित किया जाता है ।

क्रमादेशित अधिगम की विशेषताएँ
क्र    क्रमादेशित अधिगम  व्यक्तिगत अनुदेशन का एक तरीका है ।
क्र    यह अनुदेशन सामग्री का एक तर्किक अनुक्रम है ।
क्र    यह शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सीखने वाले की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित करने का एक माध्यम है ।
क्र    यह शिक्षण अधिगम प्रक्रिया के पुष्टिकरण में सहायक है ।
क्र    यह अधिगमकर्त्ता और अधिगम सामग्री के बीच अर्न्तक्रिया को बढ़ाने मे सहायक है  । 
क्र    क्रमादेशित अधिगम  सीखने वाले के सतत मूल्यांकन में सहायक है ।
क्र    क्रमादेशित अधिगम  सीखने वाले को उसकी सीखने की गति में सीखाने में सहायक है ।

क्रमादेशित अधिगम के लाभ
ऽ    क्रमादेशित अधिगम सीखने वाले के रचनात्मक चिंतन एंव निर्णय क्षमता को बढ़ाने में सहायता करता है क्योंकि सीखने वाला अपनी समझ के आधार पर किसी प्रश्न का जवाब देने के लिए अग्रसर होता है ।
ऽ    सीखने वाला तुरन्त अपनी प्रतिक्रिया में सुधार कर सकता है ।
ऽ    क्रमादेशित अधिगम के माध्यम से किसी जटिल विषय वस्तु को आसानी से सरल बना कर सीखने वाले और सीखाने वालें को विषय वस्तु को रोचक तरीकें से अधिगम  में मदद मिलती है ।
ऽ    क्रमादेशित अधिगम, शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में सीखने वाले की सक्रिय भागीदारी को सुनिश्चित कर सीखने वाले की निष्क्रियता को काबू करने में सहायता करता है ।
ऽ    क्रमादेशित अधिगम व्यक्तिगत सीखने की जरुरतों के अनुरुप है ।
ऽ    जिन विद्यायालों में अध्यापकों की कमी है वहाँ क्रमादेशित अधिगम के माध्यम से अधिगमकर्त्तों को आसानी से विषय वस्तु को सीखाया जा सकता है ।
ऽ    क्रमादेशित अधिगम  सीखने वाले मे, क्रियात्मक कौशल, बौद्धिक क्षमताओं तथा स्मृतियों  को व्यापक बनानें में सहायक है ।
ऽ    क्रमादेशित अधिगम के अर्न्तगत विषय वस्तु  का निर्माण विषय विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है इसलिए यह पूर्णतः वैध और परिमार्जित होती है ।

संक्षेप में कहा जा सकता है कि क्रमादेशित अधिगम, अधिगम का एक माध्यम है जिसमें सीखाने वाली विषय वस्तु को चरणों मे विभाजित कर,  सीखने वाले के कथित व्यवहार द्वारा सीखना सुनिश्चित किया जाता है ।

 

मनोज कुमार, प्रवक्ता ,  डाइट कड़कड़डूमा/ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद्, दिल्ली

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