बुधवार, 13 मई 2015

व्यंग्य : लव पर डिस्काउण्ट

image

आलोक पुराणिक 

 

सेंट वैलंटाइन ने सोचा, कि अब तो मेरा इतना नाम हो गया है, सो चलो मैं अब दुनिया में जाकर देखूँ कि मेरे नाम का डे कैसे मनाया जाता है ।

सेंट वैलंटाइन सामने खड़े थे-इण्डिया में आर्चीज ग्रीटिंग कार्ड गैलरी के सामने ।

यस मैन क्या चाहिए- 1200 वाला कूल लव पैकेज या 5००० वाला हाट लव पैकेज, जिसमें एक टेडी बीयर और पाँच कार्ड होंगे-चार्जीज कार्ड गैलरी के सेल्समैन ने बताया ।

काट, लव भी यहाँ पैकेज के तहत होता है क्या । अभी मैं इश्तिहार देखकर आ रहा हूँ अला साबुन का इकोनॉमी पैकेट, चार साबुनों वाला, फलां वाशिंग पाउडर का सुपर सेवर पैकेज, चार पैकेटों का पैकेज । ज्यादा लव कार्ड खरीदने पर भी डिस्काउण्ट मिलती है क्या--सेट वैलंटाइन ने चकराकर पूछा ।

यस अगर एक बन्दा पचास वैलंटाइन कार्ड खरीदे, तो सुपर सेविंग पैकेज ऑफर मिल सकता है-सेल्समैन ने बताया ।

पर लव तो एक से ही बहुत होता है । एक बन्दे को पचास-पचास वैलंटाइन कार्डों की क्या जरूरत है । क्या लव भी यहाँ होलसेल में होता है-सेंट वैलंटाइन ने परेशान होकर पूछा ।

जी हमारे पास होलसेल आफर भी हैं, लव चेंज आफर भी है, एक्सचेंज आफर भी है-सेल्समैन ने बताया ।

आप मुझसे मार्कटिंग की बात कर रहे. हैं या लव कीं-सेंट वैलंटाइन ने पूछा । हे मैन, हम लव की मार्केटिंग की बात कर रहे हैं । तुम्हारी जेब में 12०० के नोट हैं कि नहीं, अगर नहीं, गेट आउट-सेल्समैन सेंट वैलंटाइन को डाँट रहा है । पर मेरे पास नोट नहीं, सिर्फ लव है-सेंट वैलंटाइन कह रहे हैं ।

हा, हा, मैन, सिर्फ लव से नोट नहीं मिलते, हों अगर नोट हों, तो लव चाहे जितना मिल सकता है-होलसेल पैक वाला.. .सेल्समैन बता रहा है ।

नोटविहीन सेंट वैलंटाइन चार्चीज गैलरी के बाहर धकिया दिये गये हैं ।

स्पेशल डिस्को सेंटर के बाहर लिखा हुआ-वैलंटाइन डे स्पेशल लव पैकेज- 1०, ००० रुपये ओनली ।

ये डे मेरे नाम का ही है, इसलिए यह पैकेज में मुझे मुफ्त में मिल सकता है क्या-सेंट वैलंटाइन पूछ रहे हैं ।

फ्री में लव नहीं होता मैन । लव कार्ड तक 1200 के आ रहे हैं, आप लव पैकेज फ्री में लेने की बात कर रहे हैं-लव पैकेज वाला सेल्समैन वैलंटाइन को डाँट रहा है 

लव पैकेज से विहीन सेंट वैलंटाइन स्पेशल डिस्को सेंटर के बाहर खड़े हुए हैं । वहाँ दो बच्चे वैलंटाइन चर्चा कर रहे हैं ।

एक बच्चे ने दूसरे से पूछा- अच्छा बता कि वैलंटाइन डे पर एक-दूसरे के हाथ में हाथ डालकर क्यों चलते हैं?

लव बिकाज ऑफ लव सेंट वैलंटाइन बता रहे हैं.  ।

नो, इसलिए कि जो महँगी अँगूठी गिफ्ट में दी हुई है, वह हाथ से गिर न जाये । लव-वव की चिन्ता कौन करता है । लव लिये घूमते रहो, अँगूठी नहीं मिलती । पर अँगूठी के पैसे जेब में हों, तो लव मिल जाता है-बच्चा समझा रहा है ।

सेंट वैलंटाइन को लव का मतलब अब पूरी तरह से समझ में आ गया है ।

(आलोक पुराणिक के व्यंग्य संग्रह - लव पर डिस्काउंट से साभार)

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------