मंगलवार, 30 जून 2015

महान फि़लिस्तीनी कवि महमूद दरवेश से एक साक्षात्कार

अपने ढंग का अनूठा, यह साक्षात्कार कई बरस पहले, 1986 में, टेलीविज़न के लिए रिकॉर्ड किया गया था। कुछ तकनीकी कारणों से इसे प्रसारित नहीं किया जा...

फ़िलिस्तीनी कविताएँ

निवेदन फिलिस्तीन एक ऐसे देश का नाम है जिसकी जनता अपने ठौर-ठिकाने के लिये संघर्ष करती रही और कुछ राजनैतिक खेल ऐसे रहे कि फिलिस्तीन को अपने...

दुम न हिलाएं दूसरों के दम पर

  डॉ. दीपक आचार्य   ज्यादातर लोगों में आजकल अपना कुछ भी दम-खम नहीं रहा। वे औरों के बलबूते ही अपने आपको जैसे-तैसे जिन्दा रखे हुए हैं। इंसा...

‘नेट न्यूट्रीलिटी’ का अनसुलझा सवाल

  -मनोज कुमार संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही इंटरनेट ने एक ऐसी दुनिया क्रियेट की जिसके चलते विश्व-ग्राम की अवधारणा की स्थापना हुई। ब...

सोमवार, 29 जून 2015

वीणा सिन्हा की कविताएँ

वीणा सिन्हा की कविताएँ वीणा सिन्हा की इन कविताओं से गुज़रें तो प्रतीत होता है कि वीणा आज की नारी की पीड़ा, उसके दुःख-दर्द-दैन्य और प्रेम-व...

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