शुक्रवार, 19 जून 2015

योग से दूर करें रोग

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मनोज कुमार

आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हर व्यक्ति किसी ना किसी परेशानी से ग्रस्त है। जो बीमारियाँ पहले वृद्धावस्था में होती थी। वे आज कल युवावस्था में ही होने लगी हैं। बीमारियों को ठीक करने के लिए रोगी व्यक्ति अनेक प्रकार की दवाईयों का सेवन करता है। जिससे बीमारी तो पूरी तरह से ठीक नहीं होती बल्कि साथ में अनेक परेशानियाँ और होना शुरू हो जाती हैं। एक कहावत है- मर्ज बढ़ता गया जैसे जैसे दवा की। इसी तरह की बीमारियों से बचाव एवं उन्हें ठीक करने के लिए जो सबसे बेहतर उपाय है वह है योग।

योग प्राचीन भारतीय सभ्यता की तरफ से विश्व को एक बेहतरीन उपहार है। 21 जून को विश्व योग दिवस सम्पूर्ण विश्व में मनाया जा रहा है।

योग से लाभ :-

ऽ योगासनों द्वारा शरीर की सभी माँसपेशियों एवं अंग प्रत्यंगों का बेहतर ढंग से व्यायाम होता है। जिससे शरीर के अंग प्रत्यंग सुचारू ढंग से कार्य करते हैं। माँसेपशियाँ एवं हड्डियाँ मजबूत बनती हैं।

ऽ योगासनों द्वारा शरीर की सूक्ष्म कोशिकायें बेहतर ढंग से ऑक्सीजन का अवशोषण कर पाती हैं। जो शरीर को अनेक बीमारियों से बचाता हैं।

ऽ आजकल हर तीसरा व्यक्ति किसी ना किसी जीर्ण रोग से परेशान है जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कॉलेस्ट्रोल, हृदय रोग, मोटापा, गठिया, थायरॉइड आदि। जबकि इनका कोई स्थाई ईलाज अभी तक चिकित्सा विज्ञान के पास उपलब्ध नहीं है। लेकिन इन बीमारियों के बचाव व उपचार दोनों में ही योग बहुत उपयोगी है।

ऽ योग का ही एक अंग है प्राणायाम। एलर्जी, दमा, पुराना नजला, साइनुसाइटिस जैसे रोगों में तो प्राणायाम फायदेमंद है ही साथ ही पूरे शरीर पर इसका बहुत अच्छा असर होता है। प्राणायाम से हम साँसों पर नियन्त्रण करना सीखते हैं। शरीर में अधिकाधिक प्राणवायु का प्रवेश होता है। जिससे शरीर स्वस्थ होकर बीमारियों का नाश होता है।

ऽ ध्यान (मेडिटेशन) भी योग का महत्वपूर्ण अंग है। इस मशीनी युग में जिस गंभीर समस्या का सबसे ज्यादा नकारात्मक असर हमारे जीवन पर पड़ा है वह है तनाव।

हर व्यक्ति किसी ना किसी प्रकार के तनाव या चिंता से ग्रस्त है। तनाव, अवसाद, क्रोध, गुस्सा जैसे मनोभावों को नियन्त्रण करने के लिये ध्यान या मेडिटेशन सबसे बेहतर उपाय है। नित्य ध्यान के अभ्यास से तनाव दूर होकर आत्मिक खुशी महसूस होती है, कार्य शक्ति बढ़ती है, अच्छी नींद आती है। इम्यूनिटी पावर बढ़ती है।

इस तरह योग एक सस्ती, सुलभ और नैसर्गिक पद्धति है जिससे कोई भी व्यक्ति उपयोग करके फायदा उठा सकता है

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