July 2015

गिरीश पंकज के प्रसिद्ध उपन्यास "एक गाय की आत्मकथा" की यथार्थ गाथा

(गिरीश पंकज के उपन्यास एक गाय की आत्मकथा का विमोचन)     दिनेश कुमार माली , तलचेर , ओडिशा   ' एक गाय की आत्मकथा ' ही क्यों ? ‘...

नाराज हैं प्रकृति और परमेश्वर

डॉ. दीपक आचार्य पिण्ड और ब्रह्माण्ड का सीधा रिश्ता है जो दिखता भले न हो लेकिन इसके मुकाबले संबंधों की प्रगाढ़ता कहीं और देखी नहीं जा सकती।...

हिन्दी भाषा को केवल खड़ी बोली मानना उसी प्रकार भ्रामक है जैसे भारत को केवल दिल्ली मानना

प्रोफेसर महावीर सरन जैन हिन्दी भाषा-क्षेत्र की समावेशी अवधारणा रही है, हिन्दी साहित्य की समावेशी एवं संश्लिष्ट परम्परा रही है, हिन्दी साहि...

याकूब मेमन की फांसी बरकरार

प्रमोद भार्गव 1993 के मुंबई बम धमाकों में शामिल याकूब मेमन की फांसी की सजा बरकरार रहेगी। सर्वोच्‍च न्‍यायालय की तीन सदस्‍सीय खंडपीठ ने उस...

इस्मत चुगताईः एक दुस्साहसी नगमानिगार

शताब्दी वर्ष              इस्मत चुगतईः एक दुस्साहसी नगमानिगार - राजीव आनंद     इस्मत चुगतई, जिन्हें 'इस्मत आपा' के नाम से भी जाना ज...