विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - रचनाकार में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com

फ़िल्म समीक्षा - भव्य सेट, मनोहारी छायांकन, बल, संगीत और रंगों का संगम है बाहुबली

image 

- सुधीर मौर्य

____________________________________-

दस जुलाई को रिलीज हुई एस एस राजमौली निर्देशित फिल्म बाहुबली एपिक ऐतहासिक गल्प पर आधारित एक नया कीर्तिमान है। फिल्म के मुख्य कलाकार प्रभास (शिवद्दु), तमन्ना भाटिया (अवन्तिका) और अनुश्का (रानी देवसेना) हैं।

 

-------------------------------------

रचनाकार.ऑर्ग की पसंदीदा रचनाएं पढ़ने का आनंद अब आप रचनाकार एंड्रायड ऐप्प image से ज्यादा सुभीता से तथा बेहतर नेविगेशन से पा सकते हैं.अभी डाउनलोड करें.

-----------------------------------

 

फ़िल्म की शुरुआत राजकीय षडयन्त्र से होती हे और एक स्त्री अपनी बाँहों में एक छोटे बच्चे को लेकर झरना पार करते हुए दिखती है। दो सैनिक उसका पीछा करते रहते हैं। वह अपने बच्चे को पानी से बचाने के लिए स्वयं नदी में कूद जाती है और बच्चे को ऊपर रखती है। ये बच्चा झरनॆ के पास एक गांव के मुखिया के यहां पलता है जो झरने के ऊपर पहाडों के बीच स्थित महिष्मती राज्य का राजकुमार है।

वह बालक शिवुडु (प्रभास) बड़ा हो कर एक दिन झरने के ऊपर पहुंच जाता है। और वहां उसकी मुलाकात अवंतिका (तमन्ना) से होती है। और फ़िर शिवुडू के बल और तमन्ना के रङ्गो का मेल होता है। कल - कल बह्ते झरने, पहाडों पे बिछी सङ्ग्मरमर सी बर्फ़ और नीले रङ्ग की सिमटती - बिखरती तितलियां एक अजब समा बान्ध देती हैं। जहां अवन्तिका सिवुडू से मिलने से पहले बादामी रङ्ग की एक योद्धा होती है जो महिष्मती के अत्याचारी राजा भल्लाल के खिलाफ़ छापामार लडाई लडती है, वहीं शिवुडू से मिलने के बाद वो लाल रङ्ग की परी सी लगती है। शिवुडू इस लडाई मे अवन्तिका का साथ देता है और रानी देवसेना को भल्लाल के कैद से छुडा लाता है जो पच्चीस साल से भल्लाल की केद में है। ये रानी देवसेना असल में शिवुडू की मां होती है। और यहां से फ़िल्म फ़्लेश बैक में चली जाती है

 

जब शिवुडु के दादा जी को राजा बनाया गया। इस निर्णय पर बज्जला ने यह सोचा कि यह उसके अपंगता के कारण किया गया है। लेकिन उसके भाई की मृत्यु के पश्चात उसे लगता है की अब उसका बेटा नया राजा बनेगा। लेकिन पिछले राजा की पत्नी मरने से पहले अमरेन्द्र बाहुबली को जन्म देती है। बज्जला की पत्नी सीवगामी (रम्या कृष्णन) उत्तराधिकारी के लिए पूरी तरह से सही फैसला लेने के लिए यह कहती है कि जो भी इसके लिए उपयुक्त होगा वही इस इस गद्दी में बैठेगा। इसके बाद महिष्मती राज्य पर एक बहुत बडा हमला होता है और एक बहुत बड़े युद्ध के बाद बाहुबली को नया राजा बना दिया जाता है और भल्लाल देव को सेनाध्यक्ष के पद दे दिया जाता है। अभी फ़िल्म अपनी रोचकता के चरम पर होती है कि महान राज्य भक्त कट्प्पा के द्वारा बाहुबली की धोखे से हत्या कर दी जाती हे और यहीं पर फ़िल्म खत्म हो जाती है - अपने दूसरे भाग के लिये.

 

अब जब तक ये ना जान लिया जाये, राज्य भक्त कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा और अम्रेन्द्रा बाहुबली के लड्के महेन्द्रा बाहुबली ने भल्लाल को मारकर किस तरह बदला लिया तब तक सुकून नहीं मिलेगा। और, दर्शकों को इन्त्जार रहेगा बाहुबली के दूसरे भाग का। बाहुबली अपने स्वप्निल, कल्पनातीत, सौंदर्य, विशाल दृश्यों से दर्शनीय और हिट है, और बाहुबली को देखने की अन्य सशक्त वजहें भी हैं - प्रभास के बाहुबल, तमन्ना के रङ्ग और झर - झर बहते झरने और पहाडों की खूबसूरती।

 

तो अगर नहीं देखी तो हे ये रोमाञ्चक फ़िल्म तो तुरन्त देख डालिय्रे। वादा है एक मिनट को भी जो प्रभास और तमन्ना पलक झपकने दे। पर हाँ, किसी बड़े परदे पर टॉकीज में, जहाँ दृश्यों की खूबसूरती का पूरा आनंद मिलेगा, जो टोरेंट से डाउनलोड किए या नुक्कड़ से खरीदे 20 रूपए की पायरेटेड डीवीडी में नहीं मिलेगा. यदि आप टोरेंट या पायरेटेड डीवीडी से फिल्म देखेंगे तो यह आपको औसत और नापसंद भी लग सकती है. फ़िल्म का असली आनंद है बड़े सेट, भव्य दृश्यावली और मोहक छायांकन, जो बड़े परदे पर ही मिल सकता है.

--सुधीर मौर्य

Sudheermaurya2010@gmail.com

blog --------------http://sudheer-maurya.blogspot.com

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु बेनामी टिप्पणियाँ बंद की गई हैं (आपको पंजीकृत उपयोगकर्ता होना आवश्यक है) तथा साथ ही टिप्पणियों का मॉडरेशन भी न चाहते हुए लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[facebook][blogger]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget