बुधवार, 8 जुलाई 2015

व्यापमं : अहम्‌ भारतीयम्‌

गीत

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क़ैस जौनपुरी

 

 

अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍


आजकल
देख रहा हूँ मैं व्यापम
और आती है मुझको
मेरे भारत पे शरम
अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍

 

कुछ चेहरे
होते हैं
कितने बेशरम
घोटालों की गिनती
कोई तो बता दे
कब होगी कम
अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍


आजकल
देख रहा हूँ मैं व्यापमं
और आती है मुझको
मेरे भारत पे शरम
अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍

 

चालीस से ज़्यादा
मर गये रे तुम और हम
मालूम हमको सब है
फिर भी क्यूँ नहीं होती
तेरी आँखें नम
बस कर ओ बेरहम
अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍


आजकल
देख रहा हूँ मैं व्यापमं
और आती है मुझको
मेरे भारत पे शरम
अहम्‍ भारतीयम्‍
अहम्‍ भारतीयम्‍


*******

qaisjaunpuri@gmail.com

Mumbai – 400053, Maharashtra, India

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