शनिवार, 25 जुलाई 2015

लोक आस्था की हरियाली दर्शाता है मण्डावरा

 

-डॉ. दीपक आचार्य

 

dr.deepakaacharya@gmail.com

       हाड़ौती अंचल में हरियाली, पानी और आस्था की त्रिवेणी का सनातन प्रवाह मुग्ध कर देने वाला है। कई क्षेत्र ऎसे हैं जहाँ धर्म धामों से श्रृद्धा झरती है और चतुर्दिक पसरी नैसर्गिक रमणीयता का मदमाता यौवन असीम शांति और आत्मतोष का दिली सुकून देता है। इन्हीं में है दीगोद क्षेत्र का मण्डावरा गांव।  दूर-दूर तक हरे-भरे खेतों व हरियाली का दिग्दर्शन कराती वन सम्पदा के बीच बसे मण्डावरा के कई मंदिर लोकश्रृद्धा के केन्द्र हैं 

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       गाँव के बाहरी क्षेत्र में ऊँचाई पर विराजमान बड़े हनुमान जी का मंदिर न केवल मण्डावरा बल्कि आस-पास के गाँवों के श्रृद्धालुओं की आशाओं का द्वार है जहाँ जो भी सच्चे मन से जो कुछ प्रार्थना करता है, बड़े हनुमान इसे सुनकर जरूर बेड़ा पार लगा देते हैं। मान्यता है कि मन्दिर में प्रतिष्ठित हनुमान मूर्ति भूगर्भ से स्वयं प्रकट हुई। बाद में ऊंचे टीले नुमा मंदिर का निर्माण कर इसमें स्थापित कर दी गई। पांच फीट से अधिक ऊँची इस विशाल मूर्ति पर इत्र, सिन्दूर तेल आदि से श्रृंगार किया जाता है।

मंदिर पर यों तो दर्शनार्थियों का क्रम बना रहता है लेकिन मंगलवार व शनिवार को श्रृद्धालुओं का जमघट लगा रहता है। इस  मंदिर के विकास की दृष्टि से मारुति विकास मण्डल और क्षेत्र के भक्तों का समूह निरंतर प्रयासरत है। इसके मैदानी परिसर में पौधारोपण भी किया गया है। मंदिर के निचले हिस्से में एक तरफ शीतला माता का मंदिर है जहाँ देवी शीतला की मूर्ति के साथ ही सिन्दूर लगे बहुत से पाषाण विग्रह हैं।

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       गाँव में अत्यंत प्राचीन  हरिहर मंदिर है जिसमें रोडेश्वर महादेव व भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना होती है।  बताया जाता है कि ये प्राचीन मंदिर वर्तमान मण्डावरा गाँव बसने से भी पहले के हैं। पहले मण्डावरा वर्तमान स्थल से काफी दूर बसा हुआ था।

       मण्डावरा के दूसरे छोर पर दचोड़ा तालाब के मुहाने अनेक धर्म स्थल हैं। इनमें दचोड़ा हनुमान, तेजाजी मंदिर व लालबाई का स्थानक प्रसिद्ध है। मंदिर में दचोड़ा हनुमान की मूर्ति के पास ही गणेश जी मूर्ति स्थापित है। बाहर पेड़ के तले भैरव की मूर्ति भी है। वीर तेजाजी मंदिर पर तेजाजी जयंती का मेला भरता है। ग्राम्य संस्कृति, धार्मिक और सामाजिक परंपराओं के धनी मण्डावरा की आंचलिक लोक संस्कृति आज भी पुरातन धाराओं का दिग्दर्शन कराती है।

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