रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

विनीत कुमार के बैचलर्स किचन से - अचारी आलू विद सरसों ब्रिंजल

image

अचारी आलू विद सरसों ब्रिंजल: ‪#‎बैचलर्सकिचन‬ स्पेशल

इससे पहले कि प्याज-टमाटर-खीरा बैचलर्स किचन से बिछुड़कर दिल्ली सरकार और मदर डेयरी के सस्ते दाम पर पाएं टाइप के बैनरों में कैद हो जाएं, मेरी बड़ी इच्छा थी कि ये मेरी नजरों के सामने राजकपूर-नरगिस मिलाप करें. एक-दूसरे को टूटकर हग करें. सो हमने आज सैलेड को जान तेरे नाम टाइप से सजाया.

अचारी आलू बनाने में मेहनत थोड़ी ज्यादा पड़ गयी. रेस्तरां में आमतौर पर जिस बेहूदगी से टमाटर उबालकर और प्याज कच्चा ही पीसकर ग्रेवी बनाते हैं, लगता है इनदोनों की टोपी सरेआम उछाली जा रही हो. हमने पहले इसे बिल्कुल गुलाबी होने तक भूना, उसके बाद मिक्सी ग्राइंडर में एक मिनट चलाकर फिर सात मिनट तक पकने दिया. आलू उबालकर उसमे खूब अच्छे से धनिया, नमक,हल्दी,करी पाउडर और तेल के साथ मिलाकर पांच मिनट तक भूना. उसके बाद ग्रेवी डालकर चार मिनट तक और पकने दिया. स्वाद ऐसा कि मेरे इलाके में आते ही दूर से ही शोर सुनाई देगा- अरे सुनो भाई, इधर कोई बैचलर्स किचन है. रात के साढ़े ग्यारह बजे डाका पड़ा है. चोर सारी सब्जी लूट ले गए.

साबुत बैंगन की डंठल सहित थोड़ा-थोड़ा काटकर इसमे बनारसी सरसों की डस्ट, हल्दी,नमक और जीरा पाउडर मिलाया. उसी वक्त तेल भी और कुल छह मिनट के लिए माइक्रोवेब में डाल दिया. स्वाद ऐसा कि लगे बैंगन के भीतर बेस्ट की शहद भरी हुई हो.

ये सारी तैयारी और तामझाम बिल्लू के जन्मदिन के मौके पर...हम इस साल न साथ हो सके, न साथ एक-दूसरे की बर्थ-डे सिलेब्रेट कर सके. फोन पर बधाई दी और रात का इंतजाम पता किया तो चौचक मामला था. बिल्लू को मेरी गैरहाजिरी में उन सारी चीजों की तस्वीरें एफबी पर अपडेट करने में ग्लानिबोध न हो, बस इसलिए. इतना कर देने से वो अब मुक्त है..उसे रत्तीभर भी नहीं लगेगा कि हमने विद फुल फैमिली बर्थ-डे मनाते वक्त मेरा दोस्त यूं ही तन्हा रह गया.

बैचलर्स किचन ने एक खास तरीका निकाला है किसी के दिन को खास बनाने के लिए. दुनिया के किसी भी हिस्से में अपना हो, उसके नाम पर जितना संभव हो सके, उस दिन डिनर बनाकर एफबी पर अपडेट कर दो... एक अदद याद में इतनी इमोशन कम तो नहीं !
तो आज की ये डिनर प्लेट बिल्लू-पूनम( Naveen Raman- Poonam Sharma) की यादगार शाम के नाम.

विनीत कुमार

image

के फ़ेसबुक पेज (https://www.facebook.com/vineetdu )से साभार.

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget