शनिवार, 1 अगस्त 2015

उत्तर-पूर्व भारत की हिन्दी की प्रमुख स्वैच्छिक संस्थाएँ

प्रोफेसर महावीर सरन जैन

मुझे आज श्री संजीव कुमार झा (सहायक प्रबंधक, राजभाषा विभाग, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड) का ईमेल मिला है। मेल इस प्रकार है –

"प्रिय महावीर शरण जी,

उत्तरपूर्व भारत में राजभाषा/राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार में आपका योगदान सर्वविदित है. राजभाषा प्रचार संस्थाओं पर मैं, संजीव कुमार झा (सहायक प्रबंधक, राजभाषा विभाग, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड) एक अनुसंधानात्मक लेख लिख रहा हूँ. अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि उत्तर-पूर्व भारत में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में योगदान देती महत्वपूर्ण हिन्दी सेवी संस्थाओं की संक्षिप्त जानकारी कृपया मुझे ई-मेल के माध्यम से प्रेषित करें अथवा उचित माध्यम सूचित करें ताकि मैं अपने प्रयास को सफल दिशा दे सकूँ।"

 

मैंने उत्तर-पूर्व में हिन्दी विषय पर एक लेख लिखा था। विवरण इस प्रकार है –

1 जून 2014

महावीर सरन जैन का आलेख - पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी

आगे पढ़ें: रचनाकार: महावीर सरन जैन का आलेख - पूर्वोत्तर भारत में हिन्दी

http://www.rachanakar.org/2014/05/blog-post_6978.html#ixzz35Lz3PNBb

उत्तर-पूर्व भारत में हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अनेक स्वैच्छिक संस्थाएँ कार्यरत हैं। केन्द्रीय हिन्दी संस्थान के निदेशक के कार्यकाल की अवधि (सन् 1992 से सन् 2001) में लेखक को वहाँ की हिन्दी की स्वैच्छिक संस्थाओं के क्रिया कलापों को जानने का अवसर मिला। पाठकों की सूचना के लिए उनके नाम इस प्रकार हैं –

 

क. असम

1. असम राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, गुवाहाटी

2. मारवाड़ी हिन्दी पुस्तकालय, गुवाहाटी

3. लोहारघाट राष्ट्रभाषा हिन्दी विद्यालय, लोहारघाट

4. सुबनश्री सेवा समिति, उत्तर-लखीमपुर

5. असम राज्य राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, जोरहाट

6. डॉ. काशीनाथ शर्मा राष्ट्रभाषा महाविद्यालय, नलबाड़ी

7. हिन्दी विद्यापीठ, तेजपुर

8. असम गाँधी स्मारक निधि, कामरूप

9. बड़नगर राष्ट्रभाषा विद्यालय, बारपेटा

 

ख. मणिपुर

1. मणिपुर राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, इम्फाल

2. अखिल मणिपुर हिन्दी शिक्षक संघ, इम्फाल

3. मणिपुर हिन्दी परिषद्, इम्फाल

 

ग. मेघालय

1. मेघालय राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, शिलांग

2. हिन्दी प्रसार मंडल, शिलांग

 

घ. मिज़ोरम

1. मिज़ोरम हिन्दी प्रचार सभा, आईजोल

 

ङ. नागालैण्ड

1. अखिल नागालैण्ड हिन्दी शिक्षक संघ, कोहिमा

उत्तर-पूर्व में इन संस्थाओं के अतिरिक्त जो हिन्दी की प्रमुख स्वैच्छिक संस्थाएँ हों, उनका विवरण लेखक को देने की जो महानुभाव अनुकम्पा करेंगे, लेखक उनका आभारी होगा

 

प्रोफेसर महावीर सरन जैन

सेवा निवृत्त निदेशक, केन्द्रीय हिन्दी संस्थान

123, हरि एन्कलेव

बुलन्दशहर – 203001

mahavirsaranjain@gmail.com

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