सोमवार, 19 अक्तूबर 2015

बजरंग जी, दिल्ली का कविता पाठ - हाजिरी

बजरंग विशोई (विशोई थोड़ा अस्पष्ट है, बजरंग जी से आग्रह है कि कृपया टिप्पणी बॉक्स में दर्ज करें कि क्या यह सही उच्चारण है) , दिल्ली का कविता पाठ नीचे यूट्यूब बक्से में प्ले बटन पर चटका लगाकर सुनें.

इसे फ़ोन करें, अपना रचना पाठ रेकॉर्ड कर प्रकाशित करें के सरल प्रकल्प के तहत प्रकाशित किया गया है.

आने वाला समय दृश्य-श्रव्य माध्यमों का होगा, और अपनी स्वयं की आवाज में अपना रचना पाठ प्रकाशित करने का अलग आनंद है.

आप भी अपना रचना पाठ इसी तरह से प्रकाशित कर सकते हैं. अधिक जानकारी के लिए यह कड़ी देखें.

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

------------------------------------------------------------

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------