मंगलवार, 13 अक्तूबर 2015

कैलाश प्रसाद यादव की कविता - अमृत मिले या मिले हलाहल...........

image

लोकनायक जयप्रकाश एवं सदी के महानायक अमिताभ को

कर्मयोगी के रूप में समर्पित.........

अमृत मिले या मिले हलाहल...........

मौत नहीं आ जाती तब तक, हंसते-हंसते जीना है,

अमृत मिले या मिले हलाहल, बिन कोलाहल पीना है

 

सारा सागर पीकर देखा, प्यास नहीं बुझ पाई है,

आओ बैठें कहीं किनारे, नदिया का जल धीर-धीरे, बूंद-बूंद कर पीना है।

अमृत मिले या मिले हलाहल, बिन कोलाहल पीना है।

 

उंचे पर्वत चढ़ते-चढ़ते, जब-तब गिरता खाई में,

तन के संग-संग मन भी टूटा, फिर भी लूं अंगड़ाई मैं,

टूटा तन तो सिल सकता है, मन टूटे तो धीरे-धीरे, अश्रुधार से सीना है।

अमृत मिले या मिले हलाहल, बिन कोलाहल पीना है।

 

जिस धरती पर जीवन खिलता, वो भी जब-तब हिलती है,

कभी-कभी तो चाँद चाँदनी, सूर्यकिरण से मिलती है,

कहीं -कहीं तो सागर तट भी पर्वत-शिख को निगले हैं,

उथल-पुथल कर मंथन करके, रत्न-मणि ही उगले हैं,

इतना सबकुछ घटते देखा, मरघट फिर क्या मारेगा,

मन से जब तक नहीं हारोगे, तब तक तन नहीं हारेगा,

आलिंगन जग करके देखा, मन-सरगम नहीं बज पाई है,

रक्त उगाते काँटे अक्सर, कलियां खिलतीं धीरे-धीरे, जहां पर गिरा पसीना है।

अमृत मिले या मिले हलाहल, बिन कोलाहल पीना है।

 

‘‘सनातन’’

कैलाश प्रसाद यादव 96304-50031

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------