शनिवार, 17 अक्तूबर 2015

फ़ोन करें, नेट पर अपनी आवाज में रचना प्रकाशित करें योजना पहले दिन ही सफल!

कल ही फ़ोन करें, नेट पर अपनी आवाज में रचना प्रकाशित करें योजना का शुभारंभ हुआ था. पहले ही दिन 10 कॉल आए, जिसमें से 9 का प्रकाशन यूट्यूब के माध्यम से किया जा चुका है. सामान्य पॉडकास्ट (एमपी3) के बजाए यूट्यूब वीडियो को इसलिए चुना गया है कि भविष्य में स्मार्ट टीवी तथा स्ट्रीमिंग उपकरणों के जरिए यूट्यूब साहित्य जगत के दृश्य-श्रव्य माध्यम के उपभोग का एक बड़ा हिस्सा बनेगा. और यहाँ से रचनाएँ आसानी से और आराम से खोज कर सुनी जा सकती हैं.

 

खेद है कि प्राप्त कुल 10 में से 1 फ़ोन कॉल के जरिए रेकॉर्ड हुई कविता का प्रकाशन इसलिए नहीं किया जा सका क्योंकि फ़ोन कॉल ड्रॉप हो रही थी और आवाज बहुत ही अस्पष्ट थी. कॉल का शुरुआती 5 नं. 72773***** है और यह कॉल 16 तारीख को रात्रि 10 बजे रेकॉर्ड हुआ था. आग्रह है कि जिन्होंने भी रेकार्डिंग की है वे रेकॉर्डिंग के लिए फिर से प्रयास करें, और यथा संभव ऐसी जगह से करें जहाँ सिग्नल अच्छी हो या फिर (अधिक बेहतर है कि) लैंडलाइन फ़ोन का उपयोग करें.

 

और हाँ, आप सबने जो रेकॉर्ड से पहले का निर्देश सुना - जानते हैं उसे किसने आवाज दी है?

 

यह मशीनी आवाज है. जी हाँ. एकदम प्राकृतिक सी लगती आवाज - मशीनी है. हिंदी टैक्स्ट टू स्पीच (पाठ से वाचक) प्रोग्राम (आईओएस 9 में उपलब्ध)  के जरिए इसे रेकॉर्ड किया गया है!

है न टेक्नोलॉज़ी का कमाल?

 

फ़ोन लगाते रहें, अपनी कविताएँ रेकॉर्ड करते रहें.

अधिक जानकारी यहाँ से लें.

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