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पाठकीय - बी.के.गुप्ता - ईश्वर क्या है?

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''ईश्वर क्या है''

र्इ्रश्वर वह शक्ति है ,जिसके सहारे सूर्य, चन्द्रमा ,पृथ्वी घूम रहे हैं, पेड़-पौधे फल-फूल रहे हैं ,नदियाँ बह रही हैं ,हवा चल रही है, और प्राणी जीवित हैं।

रामायण के अनुसार-

तुलसीदास जी ने कहा है-

सीय राममय सब जग जानी। करऊँ प्रनाम जोरि जुग पानी।।

अर्थात पृथ्वी का हर जीव चाहे वह मनुष्य हो या पशु-पक्षी या पेड़-पौधे सभी ईश्वर का ही रूप हैं।

भगवद् गीता के अनुसार-

गीता में कहा गया है, कि जो करता हूँ ''मैं'' करता हूँ।

अर्थात ''मैं'' शब्द में ही ईश्वर छुपा हुआ है, हर व्यक्ति या जीव ईश्वर है ,जो वह खुद करता है और किये हुए कर्मों का फल उसे प्राप्त होता है।

अर्थात मनुष्य की आत्मा ही ईश्वर है, जो कुछ मनुष्य बोलता है वह मनुष्य के अंदर से ईश्वर ही बोलता है। जब आत्मा रूपी ईश्वर इस शरीर से निकल जाता है, तब शरीर सिर्फ चमड़े का एक खोल बचता है,जहाँ ईश्वर था।

अतः ईश्वर का न तो कोई रंग है ,न ही कोई रूप है ,ईश्वर सिर्फ एक दिव्य शक्ति है। ईश्वर के जो भी रूप माने गए हैं वो सब काल्पनिक है।

अतः ईश्वर अदृश्य है, जिसकी सिर्फ कल्पना की जा सकती है। इस दिव्य शक्ति को हम ''ऊँ''नाम से सम्बोधित करते हैं। सभी धर्मों का ईश्वर एक है, जो कि अदृश्य है और हर जीव के आत्मा में निवास करता है

 

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नाम-बी.के.गुप्ता

पूरा नाम-बृज किशोर गुप्ता

पिता का नाम-श्री लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता

शिक्षा-बी.ए.(समाज शास्त्र) एवं कम्प्यूटर पी.जी.डी.सी.ए.

जन्म तिथि-01-जुलाई सन्1982

व्यवसाय-कम्प्यूटर शिक्षक

कैपीटल कम्प्यूटर आई.टी.एण्ड साइन्स बड़ामलहरा

जिला-छतरपुर म.प्र.

लेखन की विधा-कविता ,गजल ,निबंध।

स्थाई पता-बी.के.गुप्ता

ग्राम-चन्दौरा तहसील-अजयगढ

़जिला-पन्ना(म.प्र.)

वर्तमान पता- बी.के.गुप्ता

कैपीटल कम्प्यूटर आई.टी.एण्ड साइन्स

बिजली आफिस के पास बड़ामलहरा

जिला-छतरपुर म.प्र. पिन-471311

मोब.-9755933943

-मेल-bkgupta193@gmail.com

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