रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

प्रदीप गुप्ता की कविता–शुभ दीपावली 2015

image

 

शुभ दीपावली - 2015

प्रभु राम !! तुम्‍हारे देश में, ये कैसा गड़बड़ झाला है

सिर के बाल सफेद हुए,  पर दिल अब भी काला है

 

दिल का अंधेरा मिटाने को,  दीप जलाओ ज्ञान का

सौहार्द्र का,  सद्भाव का,  मान का ओ सम्‍मान का

 

जहरीला धुआं  छाया चहूं ओर, संकट में  आई धरा

सब करतूत  हमारी है,  इससे मुक्ति की सोच जरा

 

किया था खात्‍मा राम ने,  अत्‍याचारी खर दूषण का

इस दीवाली हम सब मिलकर, संहार करें प्रदूषण का

 

प्रदीप गुप्‍ता

                                                                 11.11.2015

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget