रविवार, 1 नवंबर 2015

सागर जी, जौनपुर उत्तर प्रदेश का मुक्तक पाठ सुनें यूट्यूब ऑडियो से

फ़ोन करें, अपनी आवाज में अपना रचना पाठ पूरी दुनिया को सुनाएँ कड़ी में आज प्रस्तुत है सागर जी, जौनपुर उप्र का कविता पाठ. नाम में केवल 'सागर जी' का उल्लेख इसलिए है, कि प्रारंभ में अपना संक्षिप्त परिचय देते समय उच्चारण थोड़ा सा अस्पष्ट है. सभी रचनाकारों से आग्रह है कि रेकॉर्ड करते समय स्पष्ट उच्चारण का विशेष ध्यान रखें, खासकर अपने परिचय के दौरान, क्योंकि  रचनाओं में  तो संदर्भ अनुसार अस्पष्ट उच्चारणों को भी समझा जा सकता है, मगर नाम में नहीं.

बहरहाल, मुक्तक पाठ सुनें -

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