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चीन की हिंदी भाषा की छात्रा रूपा का हिंदी भाषा संबंधी रोचक संस्मरण

डॉक्टर गुणशेखर चीन में हिंदी के प्रोफ़ेसर हैं. उनकी दो छात्राएँ हिंदी धारावाहिकों का चीनी में रूपांतर कर रही हैं. उनका रोचक अनुभव डॉ. गुणशेखर ने भेजा है. -

 

आशा है आप सानंद हैं.  मेरे विश्व विद्यालय की दो छात्राएं 'देवों के देव महादेव' और 'महाभारत 'के कैप्शन के चीनी रूपान्तर लिख रही हैं.ये धारावाहिकों के सांस्कृतिक सन्दर्भों को चीनी  दर्शकों को समझाने का  काम भी कर रही हैं. इसके लिए ये रात-रात जग रही हैं. खाना -पीना छोड़कर ये जुनूनी हद तक इस पावन कार्य में लगी हैं. इसलिए हमारा और आपका धर्म है कि इनके कार्य को प्रोत्साहित करें. अभी एक छात्रा का अनुभव आपको भेज रहा हूँ. इसका हिन्दी नाम रूपा है.दूसरी है शान्ति. उसके अनुभव को इसके बाद भेजेंगे.  ये दोनों छात्राएं अपने चीनी नामों की ज़गह हिन्दी नाम ही लिखना पसंद करती हैं इसलिए  अपना चीनी नाम इन्होंने बताया ही नहीं . इसका चित्र नहीं संलग्न कर पा रहा हूँ. उसी से कहकर भिजवाता हूँ. 

आशा है इस अनुभव को रचनाकार में स्थान मिलेगा.

सप्रेम,

आपका

डॉ गुणशेखर                                                          

ॐ  नमः शिवाय

                                                                ------------- 

                                                                                                                        -रूपा

हा जाता है महादेव शिव हिंदू धर्म के सबसे महान और बलवान ईश्वर हैं. भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं में उनसे जुड़ी हुई  बहुत सारी कहानियां हैं. चाहे पुराण में, चाहे धार्मिक गीत में, चाहे लोककथा में, इन सब में शिव की कहानी हम जान सकते हैं. आधुनिक युग में हमें शिव से संबंधित बहुत रचनाएँ जैस वीडियो  या धारावाहिक  मिलते हैं.

सन २०१३ से २०१४ तक मैं छात्रवृत्ति हासिल करके दिल्ली में केन्द्रीय हिंदी संस्थान में दस महीने के लिए हिंदी सीखने गई  थी . उन दिनों संस्थान के आस-पास दिल्ली में ही रहती थी. इसके दौरान में अपने सहपाठियों के साथ लगभग पूरे भारत घुमने गयी थी . इस यात्रा में बहुत सारी भारतीय सांस्कृतिक व धार्मिक गितिविधियान  देखीं. यात्रा के दौरान मैंने शिव के बहुत-से  मंदिर देखे और उनकी कथा-कहानियाँ सुनीं . मुझे महादेव शिव पसंद आए और मुझे वे और उनकी पत्नी पार्वती यानी शक्ति की कहानी भी अति अति रुचिकर लगी .  

चीन वापस लौटते ही कभी-कभी भारत की यात्रा मेरी यादों के झरोखे  खोलने लगी. पिछले साल मैंने  माइक्रो ब्लॉग में देवों के देव महा देव नामक धारावाहिक से संबंधित सूचना पढ़ी और उसका  एक एपिसोड देखा. जब मैंने उस एपिसोड को देखा तो मैं देवों के देव महादेव के जाल में फंस गयी. देवों के  देव महादेव नामक धारावाहिक हमें शिव की कहानी  बताता है और  भारतीय संस्कृति और भारतीय दर्शन समझाता है.

लाने के बाद पार्वती के रूप में पुनः जन्म लिया और फिर शिव से प्रेम किया . इसके अलावा देवता और राक्षसों  के बीच अनमेलता तथा युद्ध से हमें धर्तं के बीच के भेद को समझाया जाता है.

माइक्रो ब्लॉग के कुछ उपयोग कर्ता देवों के देव महा देव का कैप्शन करते हैं, जिनमें अधिकांश लोगों को हिंदी नहीं आती.  लेकिन  शिव धारावाहिक से प्यार होने की वजह से उन्होंने वेब से अग्रेज़ी का कैप्शन ढूँढकर इस धारावाहिक का अनुवाद किया. और, अभी तक भी करते आ  रहे हैं.  क्योंकि देवों के देव महादेव के कुल  ८०० से ज्यादा एपिसोड हैं. इसलिए देवों के देव महादेव का कैप्शन पूरा करने में बहुत समय लगेगा.

संयोगवश मैं भी इस कैप्शन दल में शामिल हुई और इस दल की सक्रिय सदस्य बन गई. मैं हिंदी सीखने वाली हूँ. इसलिए कैप्शन दल में मैं उनके अंग्रेजी से चीनी में अनुवाद को ठीक करने का काम करती हूँ और कभी-कभी जो पंक्तियों का अर्थ अंग्रेजी में स्पष्ट नहीं है तो मैं हिंदी में सुनकर उनको समझाती हूँ.  इसके आलावा कभी धारावाहिक में आए हुए गानों का  मैं  चीनी रूपांतर लिखती हूँ.

अपने दल के सारे सदस्यों में मैं ही इकलौती हूँ जो  हिंदी पढ़ सकती है. हिन्दी पढ़ ही नहीं सुन और समझ भी सकती हूँ किंतु मैंने बहुत अच्छी तरह से हिंदी नहीं सीखी. मुझे सिर्फ थोड़ी हिंदी आती है. इसीलिए कैप्शन करने के दौरान मुझे बहुत कठिनाइयां मिलीं. उदाहरण के लिए जब अभिनेता तेजीसे बोलते हैं या स्पष्ट रूप से नहीं बोलते  तो मेरे लिए उसे समझना बहुत मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा गाने   सुनना और उन्हें सुनकर लिखना भी एक कठिन काम है, जिसमें भोजपुरी भाषा तो मेरे लिए और भी दुखप्रद होती है!

निसंदेह कैप्शन करने के समय मुश्किल प्रश्न आता है, लेकिन काम करते हुए  मुझे भी खुसही होती  है. क्योंकि मैं शिव और शिव के बारे में कहानी पसंद करती हूँ.  इसलिए जो समस्याएं मुझे मिलीं ,चाहे वो बड़ी रही हों  या छोटी , मन में रुचि होने के कारण वो समस्याएं मेरे लिए तो समस्याएं नहीं ही बन  पाईं.

यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे शिक्षक डॉ. शर्मा जी ने मेरी बड़ी मदद की है.  जब भी कोई समस्या आती है ,हर बार मैं लैपटॉप लेकर शर्मा जी के घर पहुँच जाती हूँ और उनसे शिव के बारे में सब कुछ पूछ्ती हूँ और शर्मा जी भी हर प्रश्न को   विस्तार में मुझे समझाते हैं और वे शिव की कहानी और उससे संबंधित जानकारी और भारतीय संस्कृति से जुड़ी बहुतेरी बातें मुझे बताते हैं. शर्मा जी की मदद से देवों के देव महादेव का कैप्शन करने में मेरा उत्साह और विश्वास भी काफी बढाया.  

किसी भी काम में कोई आसानी से सफल नहीं हो सकता.  महादेव शिव के धारावाहिक का कैप्शन करना एक महा समुद्र तैरने जैसा काम था. यह आसान और साधारण काम नहीं था . इस काम के करने पर मिली सफलता के लिए  मैं शिव जी के भक्तों को नमः शिवाय कहते हुए शर्मा जी का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ.

-हिंदी विभाग

क्वान्ग्तोंग वैदेशिक अध्ययन विश्व विद्यालय ,

क्वान्ग्चौ,चीन.

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