रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

अभिमन्यु सिंह चारण की कविताएँ

image

कविता - बदला

जब तुम नए कपडे पहनोगी  ,
पेड़ पर नए पत्ते आएंगे ,
मुरझाए फूल गुलशन होंगे
कोयल गीत गाएगी ,
ढोल बजेंगे
नृत्य होगा
पकवान बनेगें
तुम जेवर पहनो गी
हाथ पर मेहँदी लगेगी
शरीर पर उबटन होगा
लोग गले मिलेंगे
फिर....

मेरा इंतजार होगा
पर मैं नहीं आऊंगा
तुम मुझे ढूढोंगी
घर के अंदर
हर कमरे में
सीढ़ियों पर
घर की छत पर
हर चौराहें पर
मैं कही नहीं मिलूंगा

मोर रोने लगेंगे
कोयल विरह गीत गाएगी

तुम रोने लगोगी
चिल्लाओगी
ठीक वैसे हो
जैसे उस दिन
मैं रोया , चिल्लाया था
जब तुमने कहा था
तुम्हे लेखक पसंद नहीं

अभिमन्यु सिंह चारण

###############$########@

2. सुख तुम्हें कहाँ
      ढूँढू ?

मैं ढूढ़ता हूँ तुम्हें 
घर की चार दीवारी में
कभी ऊँचे पहाड़ो पर ।
कभी ठंडी हवा में
या फिर पुस्तकों के ढेर में ।

कभी मंदिर - मस्जिद में
कभी मूर्ति - चद्दरों में ।
गिरजाघर या फिर चर्चों में
कभी हाथ की लकीरों में ।

मैं ढूढ़ता हूँ तुम्हें
अपनी पत्नी के गहनों में ।
कभी सोने या फिर चाँदी में
हजारों लाखों रुपयों  में ।
चमकते बाजारों या फिर
रंग - बिरंगे मॉलों में ।

आज तक तुम मुझे
कहीं नहीं मिले ।

शायद ,  तुम मिल जाओ
किसी बुजुर्ग को सड़क
पार करवा कर 
ठंड से कांपते शरीर को
कम्बल ओढ़ा कर ।

नन्हे हाथों में बिकते
कुछ गुलाब खरीद कर
ऑफिस के बाहर बैठे
बाबा को कुछ खिलाकर ।

गली में कागज बीनते
बच्चों को पढ़ा कर या
अँधेरे घरों में
कुछ रौशनी फैला कर ।

मुझे पता है
तुम यहीं मिलने वाले हों ।
हों न ।

अभिमन्यु सिंह चारण
जालोर , राजस्थान
09001699762

विषय:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

लोककथाएँ

[लोककथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget