विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - रचनाकार में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com

मनोज ‘आजिज़’ की दीवाली ग़ज़ल

दिवाली  में सरहदों का दिवाला करें
------------------------------------------

                         -- मनोज 'आजिज़'

सरहदें हैं दिलों के दरम्याँ बहुत 

दिवाली में सरहदों का दिवाला करें 

 

हर शख्स है बदहवासी के अँधेरे में 

मोहब्बत की रौशनी से उजाला करें 

 

कुछ लोग पटाखों में आग की तैयारी में 

कहो, ख़ुद की आग से वो सम्हाला करें 

 

वो  जश्न क्या जिसमे सिर्फ़ पैसा शामिल 

दिलों के जश्न से सबको मतवाला करें 

 

ख़ुशियों के दिये जल उठे हर तरफ़ 

पुराने ग़मों से न खुद को मलाला करें 

 

पता-- इच्छापुर, ग्वालापारा, पोस्ट-- आर.आई.टी.

        आदित्यपुर-२, जमशेदपुर-१४ , झारखण्ड

फोन- 09973680146 

मेल- mkp4ujsr@gmail.com

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु बेनामी टिप्पणियाँ बंद की गई हैं (आपको पंजीकृत उपयोगकर्ता होना आवश्यक है) तथा साथ ही टिप्पणियों का मॉडरेशन भी न चाहते हुए लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[facebook][blogger]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget