शुक्रवार, 27 नवंबर 2015

पाठकीय : पीयूष गुप्ता की हास्य-व्यंग्य कविता - नेता

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नेता


पाँच साल में एक बार
मैं धरती पर आ जाता हूँ

मीठा-मीठा बोलकर
मैं जनता को बहलाता हूँ

पाँच साल में एक बार
मैं धरती पर आ जाता हूँ

करके वादे, लेकर कसमें
सबको विश्वास दिलाता हूँ
पाँच साल में एक बार
मैं धरती पर आ जाता हूँ

जनता भोली बन जाती है
मैं कुर्सी पे जम जाता हूँ

पाँच साल में एक बार
मैं धरती पर आ जाता हूँ

जीत चुनाव में सबको
अपना रंग दिखलाता हूँ

पाँच साल में एक बार
मैं धरती पर आ जाता हूँ

                     पीयूष गुप्ता

नाम-पीयूष गुप्ता
जन्म-22-9-2002
पिता-श्री अनूप गुप्ता
माता-श्रीमती नीलम गुप्ता
राज्य-उत्तर प्रदेश
हिन्दी साहित्य की प्रमुख विधाएं जैसे आलोचना, लेख, समीक्षा, कविता, गीत, गजल, कहानी, यात्रा वृत्तांत आदि विधाओं में स्फुट लेखन।
बड़े-बड़े लेखकों का आशीर्वाद प्राप्त

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