सोमवार, 9 नवंबर 2015

अक्षय आजाद भण्डारी की दीवाली कविता - रंगोली

मैं हूँ , मेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है

मैं रंगोली हूँ , मेरा मातृभूमि पर देना ही कार्य है।

मैं मातृभूमि को सजाकर

उम्मीदों के रंग भरती हूँ ,

गोली रंगों से

सजकर मातृभूमि को

श्रृंगारित करती हूँ।

मैं रंगोली हूँ मेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।

 

है मुझको आशा मैं रंगोली

सजकर कुछ कहती हूँ ,

मैं कभी कुछ तस्वीर बनकर

तो कभी बेटी बचाओ , बेटी पढ़ाओ

कभी स्वच्छता तो कभी पर्यावरण बचाओ

का सन्देश देती हूँ ,

पर किसके आंगन की शान बनकर

कभी किसी की आवाज बनती हूँ।

मैं रंगोली हूँ , मेरा मातृभूमि पर सन्देश देना ही कार्य है।

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नाम अक्षय आजाद भण्डारी। शिक्षा BJMC कोर्स जारी है। जन्मस्थान राजगढ़ तहसील सरदारपुर जिला धार मध्यप्रदेश, जन्मतिथि 13 अक्टूबर 1993, कई वर्षो से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्य जारी। मों.9893711820 , ई मेल bhandari.akshjay11@gmail.com.

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