आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

अनुज कटारा की कविता - ना वो चंद्रमुखी

image

ना वो चंद्रमुखी

ना वो है परियों की कोई कहानी

है अगर कुछ तो,

लफ़्ज है वो मेरे गीतों के

दबे हुए जज्बात है मेरे

कहीं गुम हो रही साँस है वो मेरी

मेरे कोरे कागज की कल्पना है वो

मेरी मुस्कान की वजह तो नहीं पर जीने की आस है वो ।

 

तुम पूछते हो कोन लगती है वो मेरी...?

मुझे आनंदित करने वाली सूरज की किरण है वो

मेरे धड़कते दिल की धड़कन है वो

ख़्यालो में दस्तक देने वाली एक ख्याब है वो

कोई नशा तो नहीं मेरा पर बनती हुई लत है वो मेरी ।।

 

वो पगली किसी और को चाहती है

पर मेरी कभी तो होगी , क्योंकि मेरे जीने की उम्मीद है वो

दर्द भरे नगमों का संगीत है वो

स्वंय को जीवित रखने के लिये प्रेरित करने वाले जज्बात है वो

प्रश्न तो नहीं मेरा , पर हर प्रश्न का उत्तर है वो...

 

कवि परिचय-अनुज कटारा, व्यवसाय:छात्र(राजकीय अभियांत्रिकी कॉलेज)
वर्तमान पता: H.N. 548/12 महुकलां,गंगापुर सिटी,सवाई माधोपुर,राजस्थान
Pin code-322202

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.