आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

-------------------

सुधा शर्मा की हास्य-व्यंग्य कविता : सब्जी का शोरूम

image

सब्जी का बहुत बड़ा शोरूम खुला था,
वेजिटेबिल शोरूम ज्वैलर्स शॉप की नकल था.
काउंटर पर छोटा सा धर्मकॉंटा लगी था,
शोरुम के गेट पर पहरेदार खड़ा था .
       कांच के शोकेस में माल रखा था,
       सभी पर रेट का लेबल जड़ा था.


भिंडी हजार रूपए तौला 
,घीया पर डिस्काउंट चला था.
प्याज आउट आफ स्टॉक ,
अरबी के भाव से दिल दहला था.
       करेला पहुंच से बाहर था,
       टमाटर, आलू पर खुला ब्लैक चला था.


कटहल के रेट सुनकर
सिर चक्कर खा रहा था.
हरी मिर्च और धनिया,
बढ़  चढ़कर मुंह चिढ़ा रहा था.
       मैंने थैले को  तह बनाकर,
       शर्म से चुपचाप रख लिया.
     सब्जी खरीदने के जुगाड़ पर
    मन ही मन विचार किया.
शोरुम के बाहर खड़ा होना भी,
औकात से बाहर नजर आ रहा था.


          सोचा बैंक में जाकर ,
          लोन के लिए अर्जी दूंगी.
         फल व सब्जी के लिए ,
          एक लाख का लोन लूंगी.
लोन का फार्म पढ़,
बैंक मैनेजर ने बुलाया.
ऊपर से नीचे तक देखा.
और मेरी हैसियत का जायजा लगाया.
          बोला तू मुझे उल्लू बना रही है
           प्याज,फल खाने के सपने सजा रही है.


सब्जी खाकर तू लोन,
हजम कर जाएगी.
ब्याज तो दूर,
तू मूल भी नहीं चुकाएगी.
        सब्जी के लिए लोन कैसे चुकाएगी
        ये सोचकर डरते हैं.

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.