सोमवार, 9 नवंबर 2015

भूपेश देवांगन की दीपावली की कविता–चलो दिवाली मनाते हैं

चलो दिवाली मनाते हैं

कोना कोना झाड़ कर, हर जाला हटाते हैं।

गंदी धूल सनी चीजें, पोछकर चमकाते हैं।

बेकार पड़े सामान भी, कबाड़ी को दे आते हैं।

रंग बिरंगे पेंट से, सारा घर रंग जाते हैं।।

 

महिने से दरजी के पास पड़े, पापा के कपड़े लाते हैं।

मां की साड़ी के लिए, बाजार के चक्कर लगाते हैं।

अपनी जींस टी शर्ट तो, झट से खरीद आते हैं।

धुलकर इस्तरी किए कपड़े , इतर से महकाते हैं।।

 

बाजार से खील बताशे, और मिठाइयां ले आते हैं।

गुझिया नमकीन बनाने में, मां का हाथ बंटाते हैं।

खुशबू से मजबूर होकर, रसोई के चक्कर लगाते हैं।

गर्मागर्म बड़े पकोड़े के, चटनी संग मजे उठाते हैं।।

 

अपने बेस्ट फ्रेंड को, ग्रीटिंग कार्ड दे आते हैं।

हैप्पी दिवाली ग्रुप में, सबको विश कर आते हैं।

पड़ोसियों से मिलकर, शुभकामना दे आते हैं।

फोन पे दोस्तों रिस्तेदारों से, जीभर गपियाते हैं।।

 

दूरदराज बैठे किसी, अपने से जुड़ जाते हैं।

इंटरनेट पर ही उसे, बधाई दे आते हैं।

इन दूरियों को अपनी, हंसी से मिटाते हैं।

उसका अकेलापन, खुशियों से भर आते हैं।।

 

इक बिंदु से दूजा बिंदू, रेखा से मिलाते हैं।

कुछ रेखाएं जोड़कर, इक आकार बनाते हैं।

फिर इन आकारों को, रंगों से सजाते हैं।

घर आंगन बाहर, रंगोली से भर आते हैं।।

 

दिन भर धूप खाए, पटाखे छुड़ा आते हैं।

अनार की झिलमिल से, आंगन सजाते हैं।

आसमान को रंगीन, सितारों से जगमगाते हैं।

इन टूटते तारों से, कुछ ख्वाहिशें मांग आते हैं।।

 

दरवाजे को आम पत्तों के, तोरण से सजाते हैं।

घर की लक्ष्मी को पूजा की, थाली में सजाते हैं।

माता की अनुपम छवि, दियों से जगमगाते हैं।

सबके सुख-समृद्धि की, प्रार्थना कर आते हैं।।

 

पानी से भीगे दियों में, तेल बाती लगाते हैं।

दियों को जलाकर, जगमग थाल सजाते हैं।

कुछ कमरे कुछ देहरी, कुछ छत पे रख आते हैं।

घर का हर कोना कोना, रोशनी से भिगाते हैं।।

 

गांव चलकर माथे पे, गोबर का टीका लगाते हैं।

गाय बछड़े पूजकर उनसे, गोबर्धन भी खुंदाते हैं।

गाय की जूठी खिचड़ी का, प्रसाद भी पाते हैं।

तंग संकरी गलियों से, मातर लेकर आते हैं।।

 

पटाखों के टुकड़ों से भरे, बाहर साफ कर आते हैं।

बिनजले पटाखों के बारूद, इकट्ठा कर जलाते हैं।

दूर पे चाचा के घर पर, मिठाई पंहुचा कर आते हैं।

उनके बचे बम पटाखे, उनके द्वार पर लगाते हैं।।

 

भूपेश देवांगन

पता:

Bhupesh Kumar

Q. No. C-89/F

Rail Vihar Colony, Chandrashekharpur

Bhubneshwar(Odisha)

PIN- 751017

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