बुधवार, 11 नवंबर 2015

चंद्रेश कुमार छतलानी की लघुकथा -- इंसानियत

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"इंसानियत"


शाम के धुंधलके में भी दूर पड़े अख़बार में रखे रोटी के टुकड़े को उस भूखे लड़के ने देख लिया, वो दौड़ कर गया और अख़बार को उठा लिया|

"ये मुझे दे..." उसमें से वो रोटी निकालने लगा ही था कि एक सूटधारी आदमी ने उसे डांटते हुए अखबार छीन लिया|

वो आदमी उस पर छपा समाचार पढने लगा, "हाल ही में चंद्रमा पर सबसे पहले पहुंचने वाला पन्ना जिस पर नील आर्मस्ट्रांग के हस्ताक्षर भी हैं, डेढ़ लाख डालर में नीलाम हुआ। इस पन्ने पर लिखा है- 'एक शख्स का छोटा सा कदम, इंसानियत के लिए एक बड़ी छलांग।' "

''बहुत बढ़िया, ये हुई न बात!" कहता हुआ वो आदमी बड़े-बड़े कदम भरता हुआ आगे बढ़ गया, लेकिन रोटी का टुकड़ा अख़बार में से नीचे गिर गया था, जिसे कुत्ता उठा कर ले गया|

उस भूखे लड़के ने पहले कुत्ते के मुंह में रोटी और फिर आसमान से झांकते चंद्रमा के छोटे से टुकड़े की तरफ देखा, उसे चंद्रमा ऐसा लगा जैसे वो उस अमावस्या का इंतजार कर रहा है जब धरती के सूखे पड़े दीपकों को भी रोशन होने का मौका मिलेगा|

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परिचय :

नाम: चंद्रेश कुमार छतलानी

जन्म स्थान - उदयपुर (राजस्थान)

शिक्षा - एम. फिल. (कंप्यूटर विज्ञान), तकरीबन १०० प्रमाणपत्र (ब्रेनबेंच, स्वीडन से)

लेखन - लघुकथा, पद्य, कविता, ग़ज़ल, गीत, कहानियाँ

मधुमति (राजस्थान साहित्य अकादमी की मासिक पत्रिका), शब्द व्यंजना, रचनाकार, अमेजिंग यात्रा, निर्झर टाइम्स आदि में रचनाएँ प्रकाशित

पता - ३ प ४६, प्रभात नगर, सेक्टर - ५, हिरण मगरी, उदयपुर (राजस्थान)

फोन - 99285 44749

ई-मेल -chandresh.chhatlani@gmail.com

यू आर एल - http://chandreshkumar.wikifoundry.com

कार्य - 15 वर्षों से कंप्यूटर सोफ्टवेयर एवं वेबसाईट डवलपमेंट का कार्य

अभी जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.) में सहायक आचार्य (कंप्यूटर विज्ञान)

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