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सुनील जाधव का आलेख - शोध की अपनी एक स्वाभाविक प्रकृति होती है ....

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प्रत्येक आलेख की अपनी एक प्रकृति होती है | वह अपनी प्रकृति के अनुरूप सजता-सँवरता, कटता-छनता-बनता है| आलेख सृजन में स्वाभाविकता होनी चाहिये | प्राचीन संस्कृत आचार्यों, हिंदी युग के हिंदी आचार्यों, अंग्रेजी विद्वानों ने कविता, कला में स्वाभाविकता पर विशेष बल दिया हैं | आखिर क्यों ? क्या बात हैं कि उन्हें स्वाभाविकता पर इतना बल देना पड़ा | क्या वे मानसिक रोगी थे ? या मनुष्य के मन के चिकत्सक थे ? उन्होंने पहचान लिया था कि स्वाभाविकता ही सत्य हैं, सुंदर हैं एवं शिवम है | चाहे फिर वे औचित्य सिद्धांत के आचार्य क्षेमेन्द्र हो या उद्दात सिद्धांत के प्रणेता लोंजाइनस हो ! उन्होंने अपने सिद्धांत में स्वाभाविकता पर बल दिया हैं | क्योंकि स्वाभाविकता परम आनंद की जन्मदात्री है | किसी भी विषय पर शोध छात्र जब लिखता हैं तो उसे किसी आलोचना की पद्धति के आधार पर शोध आलेख लिखने की आवश्यकता नहीं | जैसा की परम्परागत रूप से कहा जाता रहा हैं कि शोध आलेख या शोध किसी न किसी पद्धति पर लिखना चाहिए | जबकि शोध या शोध आलेख में कविता, कला की भांति स्वाभाविकता होनी चाहिए | फिर पाठक वर्ग या शोध आलेख की समीक्षा करनेवाला विद्वतवर्ग उसे अपने रूचि के अनुसार चाहे जिस परिक्षेत्र में रखे |

शोध की अपनी प्रकृति

अपना स्वभाव होता हैं |

यदि हो उसमें कृत्रिमता

तो शोध का अभाव होता है |

सीधी बहने वाली धाराओं का

समन्दर में मिलन होता हैं |

उलटी धारायें बह नहीं सकती

क्योंकि यह उसमे स्वभाव में नहीं होता है |

             मेरा मानना है कि  शोध करते समय पद्धति की बजाय साहित्य में क्या नया है और उसे पढ़ने के बाद हमारे मन-मस्तिष्क में जो विचारों का घमासान मचता है और मस्तिष्क किसी एक नतीजे पर पहुँचता हैं | तब एक ढांचा बनता है | और वह ढाँचा सबूतों के साथ कागज पर उतरता है | तब वह शोध वास्तविक शोध के दायरे में जाता हैं | हमे उसे उसी रूप में लिखना चाहिये | ना की जबरन दस बारह किताबें सामने रख कर शोध की स्वाभाविकता बिगाड़ना चाहिये | आने वाले समय में शोधार्थी इस बात का अवश्य अनुकरण करेंगे ऐसा मुझे लगता है |

डॉ.सुनील जाधव,नांदेड, महाराष्ट्र

Whats aap no.०९४०५३८४६७२

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Dr.Sunil Gulabsing Jadhav

संपादक- Navsahitykar [नव साहित्यकार]

ADD:-Maharana Prtap Housing Society,

Infrant Of Hanuman Gadh kaman,

Nanded-431605

Maharashtra-India 

mobile: 09405384672/09850702763 

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