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मो. मेराज रजा की ग़ज़लें और हास्य-कविता

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       गजल

मेरी मय्यत पे तुम आना मत
आकर वहां आंसू बहाना मत

ये अश्क नहीं मोती हैं
इन मोतियों को गिराना मत

सच्चाई पूछेगी यह दुनिया तुमसे
सच क्या है बताना मत

हक है उन्हें भी आजादी का
नन्ही परियो पर बंदिश लगाना मत

हमें पता है अपनी कैफियत
रजा को झूठे ख्वाब दिखाना मत

 

 

 

गजल
कामयाबी पे न इतराया कीजिए
खुदा से कुछ डरा कीजिए

मिलना हैं एक दिन खाक में
जरा ये भी सोचा कीजिए

लड़कियाँ होतीं हैं घर का नूर
कोख में उसे न मारा कीजिए

दुनिया याद करेंगी सदा आपको
बेवफा से भी वफा कीजिए

रजा से हो जाए राजी खुदा
आप सब ये दुआ कीजिए

 

 

 

गजल
बेकसूरों को यूँ सताया न करो
खून की दरिया बहाया न करो

जीतीं हैं माएं इसी हंसी को देख
किसी बच्चे को रूलाया न करो

माना हारने की हमें आदत नहीं
खुद हारकर हमें जिताया न करो

है पता सबको सितमगर तेरी दास्तां
झूठी कहानी तुम बनाया न करो

रजा भी किसी से कम नहीं
वक्त-बेवक्त उसे डराया न करो

 

 

 

हास्य - कविता
स्वाइन फ्लू का डर
टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज आया
स्वाइन फ्लू ने आतंक मचाया
ये देख मेरा सर चकराया
तब मैंने श्रीमतीजी को बुलाया ।

कहा-डेंगू का नाम सुना था
यह कौन सी है नयी बला
श्रीमतीजी आप ही बताइए
मेरा दिमाग गया है बौखला।

सुन बात मेरी श्रीमती जी
चुपचाप सोफे पर बैठी रही
कुछ न बोली मुझसे बस
टीवी सेट ही देखती रही।

मैंने फिर पूछा -भाग्यवान बताओ
स्वाइन फ्लू क्या है समझाओ
तब श्रीमती बोली -बताती हूँ बात सारी
एच वन एन वन से फैलती यह बीमारी
ये सुन मेरा मन घबराया
एच वन एन वन समझ न आया

श्रीमती आगे बोली -बीमारी है ये सिरियस
एच वन एन वन एक तरह का है वायरस

सावधानी से बचेगी सबकी जान
साफ़ -सफाई पर देना होगा ध्यान ।

श्रीमती फिर बोली -बात मेरी मानिए
आज से ही मास्क पहनिए
खांसते-छिंकते व्यक्ति से बचिए
इस तरह स्वाइन फ्लू से निपटिए।

डर हो गया मेरा छूमंतर
धन्यवाद दिया श्रीमती को अंदर ही अंदर ।

मो0 मेराज रजा
ग्राम+पोस्ट - बाजिदपुर,
थाना - विद्यापतिनगर,
जिला-समस्तीपुर,
राज्य - बिहार - 848503
mob. : 8651562222
E-mail : mdmeraj42@gmail.com

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