आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

विनीत कुमार का बैचलर्स किचन - आलू पराँठे, जीरमानी, टमाटर की मीठी चटनी विद इन्सटैंट मेड अचार

image

रेडी-पटरी तो छोड़ ही दो, अच्छे से अच्छे रेस्तरां में आलू के परांठे में जो आलू-मसाला भरते हैं वो पिता-पुकार टाइपवाली बेहद बकवास. आलू उबाला, मेस किया और उसमे मार गर्म मसाला, धनिया-मिर्ची पाउडर और नमक झोंक दिया. नतीजा खाने के बाद आप अच्छा फील नहीं करते.

बैचलर्स किचन में ऐसी बकवास नहीं होती..या तो मत बनाओ, सीधे हडिया उलट या फिर बनाओ तो विद फुल्ल इमोशन्स. तो यहां आलू उबालकर उसे एक प्याज, हरी मिर्च के साथ हल्के तेल में खूब अच्छे से भुना जाता है, गुलाबी होने तक. ये भुने हुए आलू ही इतने स्वादिष्ट हो जाते हैं कि आपको कुछ और खाने का मन ही नहीं होएगा. खैर

आलू ठंडा होने तक इंतजार किया जाता है और इस बीच आटा गूंथकर तैयार. अब नीरजजी ( Niraj Kumar Jha) ने इन्सटैंट अचार की रेसिपी पूछी है..तो ऐसा है बंधु, एक गाजर, आधी मूली और चार-पांच हरी मिर्च, मन करे तो थोड़ी सी अदरक सब अच्छे से छीलकर( मिर्च छोड़कर) लंबाई में काट लें. तीन से चार मिनट तक पानी में खूब अच्छे से उबालें. उबल जाने पर पानी निकाल लें. कडाही गर्म करें और एक चम्मच सरसों तेल डालें. उसके बाद सरसों के दाने और उबली हुई सारी चीजें. इसके तुरंत ही एक चुटकी हल्दी, सरसों पिसी हुई और नमक. एक मिनट तक आंच पर रखें और उतार लें. अब ठंडा होने के बाद नींबू निचोड़कर अच्छे से मिला लें. हो गया आपका इन्सटैंट अचार तैयार.

आलू के परांठे हो और आसपास भुने हुए जीरे की खुशबू डोरे न डाले, ये कैसे हो सकता है ?.. तो सीधे फ्रीज से दही निकालकर खाने के बजाय इसकी जिरमानी बना लें. करना कुछ खास नहीं होगा. कांच की बॉउल में दही निकालें. आधी प्याज बिल्कुल बारीक काट लें..हरी मिर्च और इसमे मिला दें. उपर से भुने हुए जीरे की डस्ट. हवाबाजी के लिए कटोरी में डालने के बाद उपर से धनिया पत्ती और मिट्टी से उगते हुए दिखाने के लिए उसकी बॉटम में लाल मिर्च पाउडर.

इधर टमाटर की मीठी चटनी का हिसाब बहुत सिंपल है. दो टमाटर बिल्कुल बारीक काट लें. कडाही गर्म होने पर एक चम्मच देसी घी या रिफाइन डालें. लाल मिर्च साबुत, सौंफ और फिर टमाटर के छोटे टुकड़े कडाही में डाल दें..तीन से चार मिनट चलाते रहें. फिर चार चम्मच चीनी के साथ पकाएं. चीनी डालते ही मटीरियल चिपकने लगेगा. आंच थोड़ी धीरे कर दें और न हो तो तीस-पैंतीस सेकण्ड के लिए ढंक दें. फिर एक दो कप पानी डालकर पकने दें..गाढ़ा हो जाने पर उतार लें. मन हो तो इसमे किशमिश, मूंगफली या काजू और सूखा नारियल काटकर डाल सकते हैं.

ये सब करने में ज्यादा से ज्यादा पैंतीस मिनट लगेंगे और आपकी दोपहर कितनी हसीन हो जाएगी, ये मुझसे नहीं, पिक भेजकर उससे पूछिएगा जिसकी मिनट-मिनट पर व्हॉट्स अप मैसेजेज न आए तो आपको ऑक्सीजन की कमी होने लग जाती है...

‪#‎बैचलर्सकिचन की ख़ास पेशकश

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.