शनिवार, 5 दिसंबर 2015

कामिनी कामायनी का यात्रा संस्मरण - घाटियों में बसे स्वारोव्स्की का खूबसूरत शहर वाटन

image

छोटी छोटी बातें कभी कभी किसी वस्तु ,व्यक्ति या स्थान से जुड़ कर उसे विशाल बना देती है । ऐसी ही एक साधारण  सी घटना  

आस्ट्रिया के  इन्स्ब्रूक्क के करीब एक छोटे शहर वाटन मेंहुई जिसके परिणाम ने ,आज आस्ट्रिया को   विश्व का आकर्षक पर्यटक देश बना दिया है । घाटियों में बसा यह जगह मुख्य रूप से स्वारोस्की के गृह प्रदेश के रूप में जाना जाता है ।

  एक मामूली शीशा काटने वाले  ,तराशने वाले का सपना इतना महान हो सकता है ,इसी का प्रमाण है वाटन।यह काफी प्राचीन स्थान है और इसका अपना ज्वलंत इतिहास है ।  आस्ट्रिया के एक नन्हें से स्थान बोहेमिया निवासी डेनियल स्वारोस्की ने 1895 में यहाँ अपना शीशे काटने ,तरासने का एक छोटा सा फैक्ट्री खोला था । यहाँ की वादियाँ ,पनबिजली और अन्य सुविधाएं उसके अनुकूल थीं ।

  धीरे धीरे यह उत्पादन इतना प्रसिद्ध हुआ ,कि इसने इस क्षेत्र कीआर्थिक स्थिति में आमूल चूल परिवर्तन कर दिया ।सन 1995 में इस कंपनी की स्थापना के सौ वर्ष मनाए गए थे । उस समय  विख्यात कलाकार ,आंद्रे हेल्लर जो एक,कवि ,लेखक गायक और अभिनेता भी थे ने वाट्टन के इस स्वारोस्की म्यूजियम के लिए बहुत सारे सौन्दर्य पूर्ण कलाकृतियाँ बनाई।प्रवेश द्वार पर विशाल  अल्पाईन राक्षस का बना मुंह जिससे लगातार पानी  गिरता रहता है ,इसके अलावा सुन्दर सा पार्क है ,जहां एक तालब के किनारे दीवार पर यस टू औल लिखा है ,और तालब के दूसरे किनारे शीशे के पारदर्शी दीवार बने हैं ,जहां खड़े होकर पर्यटक सब फोटो खिंचवाते हैं ।

यहाँ अंदर में दो म्यूज़ियम बना है ,एक टाईपराईटर म्यूज़ियम ,जहां तकरीबन 450 तरह के   टाईपराईटर्स[काम करने वाले ] रखे हुए हैं ।दूसरा म्यूजियम ,उस  प्राचीन कालके गाँव वालों की दिनचर्या के साथ स्वारोस्की के इतिहास को भी  दर्शाती है ।

बाहर से  अंधकार मय पृष्ट भूमि में क्रिस्टल म्यूजियम के अनोखे कलाकृतिओ को रंग बिरंगे जलते बुझते बल्बों की रोशनी से ऐसे दर्शाया गया है ,जैसे लगता है ,किसी तिलिस्मी दुनिया में पहुँच गए हों । एक से बड़े एक कलाकृतियाँ किले ,चर्च ,मीनार के बीच अपना ताज महल भी इठला रहा है । एडेन ,टाइमलेस ,क्रिसमस ट्री ,बड़े बड़े झाडफानूस,पेड़ के तनों पर लपेटकर रोशन किया गया रंगीन काँच ,कहीं कहीं लगता है ,कि फिल्म मुगले आजम के सेट पर आ खड़े हो गए हैं ।  करीब पंदरह खूब सूरत कमरों से गुजरने के बाद  रास्ता उनके विशाल सुसज्जित व्यापारिक स्थल पर बाधित होती है ,जहां पर्यटक जी भर कर क्रिस्टल आभूषणों आदि की ख़रीदारी करते हैं । एक बढ़िया जलपान गृह भी है यहाँ ।

सन 2015 में इसका 120 वीं वर्ष गांठ मनाया गया ,उस समय भी विभिन्न कारीगरों कलाकारों द्वारा इसमें कुछसुखद  परिवर्तन किए गए ।

  यहाँ अनेक विशेष प्रदर्शनी ,संगीतमय कार्यक्रम आदि होते रहते हैं ।इसमें प्रवेश का टिकट 19 यूरो का है ।

  वाटन में सबसे पहले सन 1559में एक पेपर मिल खोला गया था ।आज स्वारोस्की की चमक ने सच्चे हीरे को भी परास्त कर विश्व भर के बाजार में अपना मस्तक उंचा कर लिया है ।

    

डा0 कामिनी कामायनी ।

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------