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सुदर्शन कुमार सोनी का हास्य-व्यंग्य - यह हाट कब ठंडा होगा ?

चपन से पचपन में पंहुचने जा रहे हैं लेकिन ये हाट कभी ठंडा नहीं होता दिखता ! बल्कि हर बार व्हेरी हॉट हो जाता है तेरी मेरी सबके मोराल की खाट खडी़ कर जाता है ! कभी यह फिल्म के किसी हाट या व्हेरी हाट सीन के बारे में रहता है जो पा्रयः स्विमंग पूल या समुद्र बीच पर होता है। एक समय ‘जिस्म’ नहीं ‘जिस्म दो’ की बात चल रही थी कि ‘सनी लिओन’ का ‘‘व्हेरी व्हेरी हाट’’ अभी तक का सबसे हाट सीन इसमें देखने मिलेगा यह सुनकर पढ़कर युवा पीढी़ क्या बुजुर्ग भी फिर से यौवन की दहलीज क्या सीढी चढ़ने लगते हैं ।

वैसे युवा वयस्क व बुजुर्ग दोनों न जाने कितने सालो से इस हाट के चक्कर में पडे़ हैं लेकिन इसमें अंत में मिलता विलता कुछ नहीं है। जो भी मिलता है वह तो डायरेक्टर , प्रोड्यूसर व हीरो हीरोईन को मिलता है जनता को तो जीरो मिलता है । बस तसल्ली रहती है कि सदी का सबसे हाट सीन देख लिया है लेकिन कौन इन मिट्टी के माधो से सिर लडा़ये मां बाप ने इतना पढा़या लिखाया , लायक बनाया लेकिन हम रहे वही अल्पबुद्वि वाले ही नहीं तो सालों साल से हाट के नाम से बेवकूफ बन रहे हैं । फिर भी अघाते नहीं हैं। कभी जिस्म दो के चक्कर में पडे़ थे कि व्हेरी हाट के नाम से कुछ नया देखने मिल जायेगा ! कुछ दिनो बाद फिर किसी व्हेरी हाट आयटम सांग की बांग में हाट देखने चल निकलेंगे। क्या मिल जायेगा क्या भगवान ने इंसान के फर्मे में कोई तब्दीली कर डाली है वैसा ही तो है जैसा कि हमारे आदिमानव का फर्मा होता था हां पहले कच्चा मांस खाता था अब भून के खाता है । जैसे सुपर स्टार का फंडा है वैसे ही सुपर हॉट का हो गया है , हर बार यह पेश किया जाता है कि अब का हॉट हॉट नहीं सुपर हॉट है ।

फिल्म बनाने वाले हमें कब से बना रहे हैं ? लेकिन हम है कि बनना बंद करते ही नहीं ? वैसे ही जैसे कि चिटफंड कंपनियां हर बार लोगों को प्रलोभन देकर लूट कर लंगोटी में छोड़कर चलती बनती है लेकिन लोग बार बार लुटने पिटने के बाद फिर से लंगोटी उतरवाने तैयार दिखते हैं । हर बार हाट के नाम से नया व्हाट ? इसकी आस लगाये रहते हैं इसीलिये ‘जिस्म दो’ के लिये बेताब थे कि हनी सी सनी पता नहीं क्या हाट व्हेरी हाट व फनी हमारी व्हेरी स्मार्ट मनी से खरीदी टिकट के बदले करके दिखायेगी ।

कभी अब तक का ‘सबसे हाट बेडरूम’ के सीन के नाम पर तो कभी अब तक की ‘सबसे हाट फर्स्ट नाईट’ सीन के नाम पर तो , कभी एक्स और वाय के लंबे व अंतरंग व्हेरी हाट किस सीन के आधार पर हाट के चक्कर में हम पडे़ रहते हैं। ये हाट कभी कूल नहीं होता है चाहे ठंडी हो , बर्फ जम रही हो या माईनस में तापक्रम चला गया हो हमेशा हाट बना रहता है। भारतीय सिनेमा उद्योग का यह हाट का धंधा सदाबहार है दर्शकों के एडिक्शन का हार है ये मौसम की मार से अप्रभावित रहता है यह आऊट नाट है । ये हाट कभी कभी खाट जैसी चीज की भी वेल्यू बढा़ देती है अगर फिल्म में गांव का परिवेश हो तो खाट ही हाट का आधार कार्ड होती है उसी पर गाना बन जाता है । वातानुकूलन संयंत्र बनाने वाली कंपनियों को फिल्म इंडस्ट्री का यह फार्मूला डिकोड करना चाहिये । थर्मस बनाने वाली कंपनियों को भी इसका अनुसरण करना चाहिये क्योंकि आपका तो दो चार घंटे हाट रहता है यहां तो हमेशा हॉट रहता है सुपर हॉट रहता है आपका बा्रण्ड मार्केट लीडर बन जायेगा ।

लगता है यह फिल्म इंडस्ट्री का पहाडा़ है हाट , व्हेरी हाट , हाटेस्ट, सदी का सबसे हाट सीन हिमालय में बर्फ गिर रही हो लेकिन यहां तो हॉट ही रहेगा । क्योंकि यहां तो बाक्स आफिस में कमाई के रिकार्ड तोड़ना है तो यह हाट की अलख या लौ तो हमेशा जगाये रखना ही होगी इसी में तो इन सबकी कमाई व समृद्धि की अलख जलती रहेगी !

यह कहावत कि ‘‘कुछ लोगों को कुछ समय के लिये बेवकूफ बनाया जा सकता है लेकिन सबको सब समय बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है’’ यहां गलत साबित लगती है यहां तो सब लोग सब समय और हमेशा हाट के नाम से बेवकूफ बनते चले आ रहे हैं । चाहे जीनत अमान का दौर हो या परवीन बाबी का या हेलन का या मंदाकनी का या बाबी की डिंपल का हो या धक धक गर्ल माधुरी का हो , या हुस्ने मल्लिका मल्लिका शेरावत का हो कैटरीना , करीना या करिश्मा या प्रियंका चैपडा़ का हो यह हाट का करिश्मा तो लगता है हमेशा करिश्माई बना ही रहेगा लोग इससे आकर्षित होना बंद नहीं होंगे ।

क्या करें आम दर्शक रूपी पतंगे नायिका के जिस्म के हाट रूपी दीपक की लौ की ओर आर्कषित तो होते ही रहेंगे और पंतगा तो अपनी आहुति दिये बिना मानने वाला नहीं है। यह इंडियन फिल्म इंडस्ट्री का ‘हाट’ और ‘व्हेरी हाट’ जादू शो में दिखाये जाने वाले स्थायी आयटम ‘वाटर आफ इंडिया’ की तरह ही स्थायी है कि कभी खत्म नहीं होता ।

सुदर्शन कुमार सोनी

D-37 , चार इमली भोपाल

462016 , mob. 9425638352 

Email: sudarshanksoni2004@yahoo.co.in

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