महेश कुमार गोंड ‘हीवेट’ की लघुकथा - बेटू

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लघुकथा

बेटू
माँ के कलेजे का टुकड़ा , नौ वर्षीय बेटू जब गंभीर बीमार पड़ा तो माँ सबसे कहती फिरती '   भगवान मेरे बेटू को ठीक कर दें तो मैं महायज्ञ करवाऊंगी और ब्राम्हण भोज भी दूंगी ।'
माँ का बेटू पूरी तरह ठीक हुआ तो माँ ने ख़ुशी-ख़ुशी अपने सारे वचन पूरे किये ।
वक़्त ने करवट बदला, बेटू दुबई में कमाने लगा और पांच साल बाद घर आया। नब्बे वर्षीय माँ गंभीर बीमार पड़ी तो बेटू सबसे कहता फिरता ' माँ को दुनियाँ से मुक्ति मिले तो महायज्ञ करवाकर व ब्राम्हण भोज देकर खाली हो जाऊं । वरना थोड़े ही दिनों में फिर से आना पड़ेगा ।'
माँ अपने लाडले को कैसे दुखी करती ? जल्दी ही माँ दुनिया से चल बसी । बेटू ने भी ख़ुशी- ख़ुशी अपने सारे वचन पूरे किये ।
माँ ख़ुशी-ख़ुशी स्वर्ग व बेटू ख़ुशी-ख़ुशी दुबई के लिए प्रस्थान कर गए

महेश कुमार गोंड ‘हीवेट’

ग्राम - धनैता, पोस्ट - डोमनपुर

जिला - मीरजापुर (उत्तर -प्रदेश )

मोबाइल नंबर - 9651764863

ई – मेल : author4949@gmail.com

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