मंगलवार, 1 दिसंबर 2015

महेश कुमार गोंड ‘हीवेट’ की लघुकथा - बेटू

image

लघुकथा

बेटू
माँ के कलेजे का टुकड़ा , नौ वर्षीय बेटू जब गंभीर बीमार पड़ा तो माँ सबसे कहती फिरती '   भगवान मेरे बेटू को ठीक कर दें तो मैं महायज्ञ करवाऊंगी और ब्राम्हण भोज भी दूंगी ।'
माँ का बेटू पूरी तरह ठीक हुआ तो माँ ने ख़ुशी-ख़ुशी अपने सारे वचन पूरे किये ।
वक़्त ने करवट बदला, बेटू दुबई में कमाने लगा और पांच साल बाद घर आया। नब्बे वर्षीय माँ गंभीर बीमार पड़ी तो बेटू सबसे कहता फिरता ' माँ को दुनियाँ से मुक्ति मिले तो महायज्ञ करवाकर व ब्राम्हण भोज देकर खाली हो जाऊं । वरना थोड़े ही दिनों में फिर से आना पड़ेगा ।'
माँ अपने लाडले को कैसे दुखी करती ? जल्दी ही माँ दुनिया से चल बसी । बेटू ने भी ख़ुशी- ख़ुशी अपने सारे वचन पूरे किये ।
माँ ख़ुशी-ख़ुशी स्वर्ग व बेटू ख़ुशी-ख़ुशी दुबई के लिए प्रस्थान कर गए

महेश कुमार गोंड ‘हीवेट’

ग्राम - धनैता, पोस्ट - डोमनपुर

जिला - मीरजापुर (उत्तर -प्रदेश )

मोबाइल नंबर - 9651764863

ई – मेल : author4949@gmail.com

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------