आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

-------------------

एयर फ्राइड गराडू

image

ठंड के दिनों में मालवा क्षेत्र के रात्रि भोजों में आवश्यक अंग है - गराड़ू. इसे आमतौर पर डीप फ्राई कर गर्मागर्म खाया जाता है. इसमें शत प्रतिशत स्टार्च तो होता ही है और डीप फ्राई के कारण इसमें भरपूर वसा भी शामिल हो जाती है. लिहाजा यह आपका वजन बढ़ाने में खासा योगदान देता है. मगर इसका स्वाद ऐसा नशीला होता है कि जिसकी जुबान पर चढ़ गया तो हटता नहीं है.

अब एयर फ्रायर की उपलब्धता व प्रचलन काफी हो गया है तो आप इसका आनंद एयरफ्राई करके भी ले सकते हैं. स्वाद लाजवाब होता ही है और थोड़ा सोंधा, बढ़ा हुआ भी.

एयर फ्राई करने के लिए गराड़ू एक वर्ग इंच के टुकड़े में काटें, व एक चम्मच तेल, घी या अमूल मक्खन का प्रयोग कर सकते हैं. चाहें तो स्वादानुसार नमक व मसाले पहले से मिला सकते हैं या फिर नींबू व फ्रूट चाट के साथ या हरी चटनी के साथ गर्मागर्म भी खा सकते हैं.

 

टिप - अच्छे स्वाद के लिए गराडू हमेशा बड़े आकार का ही लें, और ऐसा लें जिसका जड़ का क्षेत्र कम हो. कुछ गराड़ू कड़वे भी निकल सकते हैं.

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.