रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

सुधा शर्मा की कविता - जिंदगी सरल है...

image

जिन्दगी बडी सरल है,इसे पेचीदा ना बनाओ.
धर्म,जाति के नाम पर इसे और न उलझाओ.


  जिन्दगी वरदान है भगवान का,इसे अभिशाप न बनाओ
ईर्ष्या,,द्वेष,छल,कपट से,इसे राख न बनाओ.


जिंदगी संघर्ष है,इसे पीठ न दिखाओ़
सम्पूर्ण मनोयोग से,इसे विजयी तो बनाओ.


जिंदगी आनंद है,इसका त्यौहार तो मनाओ
प्रकृति की हर शै से,उल्लास बटोर लाओ.


जिंदगी पश्चाताप है,पूर्व जन्म के कर्मों का,
सत्कर्मों के पावन जल ,इस कलंक को मिटाओ


जिंदगी व्यवहार है,इसे प्यार से निभाओ
नए पुराने रिश्तों के सभी गिले शिकवे तो मिटाओ.


जिंदगी उपहार है,गर्व से चूम लो तुम
याद कर घटना ,आनन्द में झूम लो तुम.


जिंदगी एक सुयोग है, इसे व्यर्थ न गँवाओ
अवसर का उपयोग कर,इसे मिल का पत्थर बनाओ


जिंदगी ख्वाब है,सच करके तो दिखाओ .
आसमा का हर सितारा,जमीं पर उतार लाओ.


तम छाया है चहुँ ओर,जरा प्रकाश बटोर लाओ
जुगनुओं से भी प्रकाश ,बटोरकर प्रकाशपुंज बनाओ.

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget