शनिवार, 31 दिसंबर 2016

नववर्ष काव्य गोष्ठी : नव-वर्ष-मंगल-गान

नव वर्ष तुम्हारा मंगलमय, सुखप्रद, सार्थक हो शुभ आना प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव ‘विदग्ध‘ प्रो. सी.बी. श्रीवास्तव ‘विदग्ध‘ ओ.बी. 11, एमपीईबी...

ईश पूजन के प्रमुख उपादानों का महत्‍व / डॉ. नरेन्‍द्र कुमार मेहता ‘मानस शिरोमणि’

ईश पूजन के प्रमुख उपादानों का महत्‍व डॉ. नरेन्‍द्र कुमार मेहता ‘ मानस शिरोमणि’ पूजा का सीधा-सादा अर्थ होता है आराधना या साधना। ...

मृत्यु पत्र (A Death Note)

मृत्यु पत्र (A Death Note)  ( मरने से पहले इंसान सोच पाता अपनी जिन्दगी में वह क्या करना चाहता है, क्या बनना चाहता है, उनके लिए जो सीखना चाहत...

हैप्पी न्यू ईयर या नववर्ष, तय कीजिए - लोकेन्द्र सिंह

दृश्य एक। सुबह के पांच बजे का समय है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि यानी वर्ष प्रतिपदा का मौका है। ग्वालियर शहर के लोग शुभ्रवेश में...

लघुकथा / बोनसाई / ललिता भाटिया

बोनसाई निशु के जाते मानो घर में भूचाल आ गया. माता जी यानि के मेरी सास , तिया की दादी ने घर में शोर मचा दिया ॰ असल में निशु टिया के लिए मेडि...

याद कीजिए ! आप अद्वितीय हैं / शालिनी तिवारी

  अद्वितीय यानी जिसके जैसा दूसरा न हो. इसे ही अंग्रेजी में यूनिक ( Unique ) भी कहा जाता है. खैर यह बिल्कुल सच भी है  कि दुनियाँ का प्रत्ये...

नव वर्ष की चुनौतियाँ एवम रचनाकारों का दायित्व / सुशील कुमार शर्मा

आज जब इस विषय पर लिखने बैठा तो पूरा साल स्मृतियों में किसी बच्चे की चीख चिल्लाहट उसकी मृदुल हँसी की भाँति झिलमिला गया कुछ खट्टी यादें कुछ म...

मुबारक साल नया / राम कृष्ण खुराना

मुबारक साल नया ! भगवान करे इस नये साल में आपका सारा ‘कालाधन’ “गुलाबी” हो जाय ! खुदा करे आपके गुप्त ठिकानो को ई डी वाले खोज न पायें ! आपके ब...

डोंगरगढ़ की वादियों में...चित्र - प्रमोद यादव

प्रमोद यादव

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

विज्ञान कथा / अन्तरिक्षचारिणी / डॉ. राजीव रंजन उपाध्याय

    अक्तूबर १०, प्रीन आम किमजी, शाम ५ बजे : हर दिन की तरह आज भी किमजी की पहाडियों पर उष्मा का नतर्न हो रहा था। चारों ओर प्रकृति का सौंदर...

विज्ञान कथा / शिव के सानिध्य में / डॉ. राजीव रंजन उपाध्याय

   यान-त्रिशंकु अजितेय और केन विस्मित नेत्रों के सबसे ऊँची डेक पर खड़े गरुढ को अन्तरिक्ष में बढ़ते हुए देख रहे थे। यह अन्तरिक्ष स्थित पूर...

----

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------