विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - रचनाकार में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com

प्राची - दिसंबर 2015 - वचन/ लघुकथा / मोहन कल्पना

वचन

मोहन कल्पना

ज तीन कुटुंब मंदिर के बाहर मातम मना रहे हैं. कालू और नीतू की लाशें मंदिर के सामने रखी हुई हैं. कल ही तो मोहन और नीतू की शादी हुई थी और आज ही उनके सब अरमान उस आग की लपटों में जल कर राख हो जायेंगे. मोहन बार-बार नीतू के पिता से कहे जा रहा था, ‘‘अंकल दोषी आप हैं जो नीलू की शादी कालू से न करवाकर उसकी जिंदगी की डोर मुझसे बांध दी. अगर नीलू मुझे एक बार भी दिल की बात बताती, तो मैं खुद उसकी शादी कालू के साथ करवा देता.’’

कालू के पिता पर बार बार मूर्छा हावी हो रही थी. उसके एकमात्र पुत्र ने नीलू के प्यार में खुद को कुर्बान कर दिया. नीलू और कालू मेडिकल कॉलेज में साथ पढ़ते रहे और साथ-साथ जिंदगी गुजारने और साथ जीने मरने के वादे कर बैठे. नीलू के बाप के पास बेशुमार दौलत थी, जिसके बलबूते पर उसने एक उद्योगपति मोहन से अपनी बेटी की शादी करा दी. पर आज नीलू उनसे भी हमेशा के लिये मुंह मोड़कर चली गई. कालू और नीलू ने एक दूसरे को दिया वचन पूरा किया.

--

गर्जना

मोहन कल्पना

हदे का नशा अच्छे भले को मंझदार में धकेल देता है, फिर भला माणिक लाल किस खेत की मूली था. बिचारा...सालों क्लर्क की हैसियत से काम करते बेजार हो गया था. मैनेजमेंट मेम्बर्स के आगे हाथ जोड़ना, अपने बस में जितनी सेवा करने की क्षमता थी वो करके, अच्छे काम करने के वादे करके किसी तरह सुपरवाइजर की कुर्सी हासिल की. उसके पक्के होने की बात तक बाहर न आने दी और न ही कर्मचारियों को भी कुछ पता चलने दिया.

जब बात पक्की हुई तो ऐलान हुआ, पार्टियां दीं, कुछ कर्मचारियों को अपना दायां और बायां हाथ चुना. माणिक लाल बहुत खुश था. उसका असली रंग भी दिखाई देने लगा. उसका शक्की स्वभाव, हर काम में नुख्स निकलना, थोड़ा गलती पर कर्मचारियों को बुलाकर उन पर कुर्सी का रौब जमाना, मतलब यह कि उसने तंग करने के तरीके अख्तियार कर लिए. शोर करने वाले सब शेर तो नहीं हो सकते, पर बचाव के रास्ते तंग होने लगे. एक गुफा में इतनी आवाजें! किसकी आवाज सुनी जाय?

गर्जना की आवाज बढ़ रही थी. देखें आगे आगे होता है क्या?

विषय:
रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु बेनामी टिप्पणियाँ बंद की गई हैं (आपको पंजीकृत उपयोगकर्ता होना आवश्यक है) तथा साथ ही टिप्पणियों का मॉडरेशन भी न चाहते हुए लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[facebook][blogger]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget