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'हिन्दी उपन्यास की नयी जमीन' का लोकार्पण / साहित्यिक गतिविधियाँ

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नई दिल्ली।  प्रगति मैदान पर चल रहे विश्व पुस्तक मेले में शुक्रवार को हिंदी साहित्य की पत्रिका 'बनास जन' के विशेषांक 'हिन्दी उपन्यास की नयी जमीन' का लोकार्पण हुआ। इस विशेषांक का लोकार्पण वरिष्ठ उपन्यासकार पंकज बिष्ट, कथाकार हरियश राय, लखनऊ से आए कवि अजय सिंह, उद्भावना के संपादक अजय कुमार तथा अनभै साँचा के संपादक द्वारिका प्रसाद चारुमित्र ने किया।  अरु प्रकाशन के मंच पर आयोजित कार्यक्रम में पंकज बिष्ट ने कहा कि विगत सालों में युवाओं द्वारा लिखे गए उपन्यासों के मूल्यांकन पर केंद्रित इस अंक का स्वागत किया जाना चाहिए। हरियश राय ने कहा कि हिंदी आलोचना के जिम्मेदार पक्ष का उदाहरण यह अंक है। द्वारिका प्रसाद चारुमित्र ने लघु पत्रिकाओं द्वारा लगातार साहित्य औरत संस्कृति के विषयों पर गंभीर सामग्री पाठकों तक पहुंचाई जा रही है जिसे और व्यापक करने के लिए साझा प्रयास करने होंगे। जन संस्कृति मंच से सम्बद्ध कवि और लेखक अजय सिंह तथा उद्भावना के संपादक अजय कुमार ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ दीं। बनास जन के  भंवरलाल मीणा ने अंक में सम्मिलित उपन्यासों के बारे में बताया कि इस विशेषांक में आठ आलोचकों द्वारा पंद्रह नये उपन्यासों का मूल्यांकन किया गया है। जिनमें युवा पीढ़ी के अनेक उपन्यासों के साथ काशीनाथ सिंह, रामधारी सिंह दिवाकर, ज्ञान चतुर्वेदी, शीला रोहेकर, हरि भटनागर और  रजनी गुप्त के उपन्यास भी सम्मिलित हैं। आयोजन में अरु प्रकाशन के निदेशक आशीष गुप्ता, कथाकार राजीव कुमार, सहित बड़ी संख्या में लेखक और पाठक उपस्थित थे। अंत में बनास जन के संपादक पल्लव ने सभी का आभार माना। 

गणपत तेली  

सहयोगी संपादक 

बनास जन 

Banaas Jan

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Shalimar Bagh

Delhi- 110088

Phone- 011-27498876

Mo - 08130072004

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