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अकेलापन / अरुणा चोकसी / हिंदी अनुवाद : हर्षद दवे

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अकेलापन

अकेलापन मतलब ...

कमरे की दीवारों पर पोता गया पर नजर नहीं आता

ऐसा ज्योति रहित धुआँ जो हर पल उपस्थित...

स्वयं न जले पर अंखियों को जलाए - खुला सा फिर भी छूटा, अश्रुसिक्त! १.

अकेलापन मतलब ...

परलोक सिधारे अपनों की यादों की आकंठ सिसकी ...

मूक, खामोश चीख-पुकार रुकी सी,

पर चीखें! शब्द, गूँज के लिए तरसती! २.

अकेलापन मतलब ...

अषाढ़ मासे अगन उगलता जैसे चैत...

भारी बारिश में जैसे जलता खेत!

बुझाए तो बढे - भडके और शोले -

चांदनी रात में ऐसे बरसे जैसे दोपहरी धूप! ३.

अकेलापन मतलब ...

जिस को हमने पाला-पोषा, किया किनारा उसने हम से...

किया पल्लवित खून से जिस को, किया गृहदाह उसने...

हुई नष्ट फसल, बरसों बोई, अपनी जीवन-छलनी से हमें छानें

अपनी ही समय-छलनी से! ४.

अकेलापन मतलब ...

अपनों के बीच गैर बने हैं, बने बहती सरिता से रेगिस्तान जलते,

बरसों कितने बितते जाते, ठंडी साँसे गिनते जाते,

निरे निपट तंतु-मात्र से मैली चादर बुनते जाते...! ५.

अकेलापन मतलब ...

जीवन-मटुकी से तत्व सत्व नवनीत लूटता जाता ...

नेत्रजल-अमृत के रिक्त कूप में...

व्यथा-वेदना विष-गरल खूब घुटता-पिसता! ६.

अकेलापन मतलब ...

आंसू लथपथ गीले तकिये से लिपटा-लेटा ...

ऐसे कटती लंबी अंधियारी रात!

जैसे धकेल दी कोने में सिमटी सी कोई गुलाबी बात! ७.

अकेलापन मतलब ...

'ऑल इज वेल' की सीप में 'नथिंग इज गुड'

धरता आकार नायाब मोती...

जगमगाते जीवन की कशमकश में हुई रंगहीन धोती! ८.

अकेलापन मतलब ...

धुंधली होती जाती यादों से हर दिन को भरना...

लडखडाते कदम व टूटती-छूटती सी साँसों के सहारे

निरे अकेले अकेलेपन में बूढी उम्र का करना सागर पार ...! ९.

अकेलापन मतलब ...

समय से पहले, खोखली दीवार पर, माला चढाई तसवीर बन जाना...

क्षीण होती काया में धक् धक् करते अस्तित्व का

बिखर कर टूट जाना...! १०.

अकेलापन मतलब ...

प्रियजनों से आहत हो कर निरर्थक निशाना बनना...

६ x ३ की भूमि पर निस्तरंग होने की घटना का...

जीवन के रंगमंच पर नित्य घटना...अकेलापन!

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रचनाकार: अरुणा चोकसी हिंदी अनुवाद: हर्षद दवे.

टिप्पणियाँ

  1. बहुत गहरी, बहुत गंभीर, अन्तर्मन को छूने वाली रचना ।

    उत्तर देंहटाएं

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