सोमवार, 14 मार्च 2016

बाल कथा / नाम में क्या रखा है? / गोवर्धन यादव

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नाम में क्या रखा है?

एक छोटे से गांव में एक बनिया रहता था. उसके बेटे का नाम ठनठनपाल था. जब वह बड़ा हुआ और मोहल्ले के अन्य लड़कों के साथ खेलने जाने लगा तो उससे अक्सर यही सवाल पूछा जाता कि भला ये भी कोई नाम हुआ? लड़के कुछ अजीब ढंग से उसका नाम लेकर पुकारते कि उसे चिढ़ होने लगती. जब भी कभी वह शहर जाता, लोग कह उठते...लो आ गया ठनठनपाल. उसे अब अपने नाम से ही नफ़रत होने लगी थी. वह अक्सर सोचता कि उसके माता-पिता ने इतना मनहूस नाम क्योंकर रखा होगा? उसका नाम तो तेजबहादुर अथवा विजय बहादुर जैसा रखा जाना चाहिए था.

तंग आकर उसने एक दिन अपने पिता से इस बात की शिकायत की कि लोग इस नाम लेकर उसका तरह-तरह से उपहास उड़ाते हैं. क्यों न मेरा नाम बदल दिया जाए?. पिता से उसे बहुत समझाया कि नाम का कोई महत्व नही होता. महत्व होता है केवल गुणॊं का. यदि हमारे गुण-धर्म ठीक है तो नाम का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है. इसलिए तुम नाम बदलने की जिद छॊड़ दो. लाख समझाने की बाद भी वह नहीं माना. आखिरकार इसके पिता ने कहा कि वह कोई नया नाम ढूंढ कर लाए. नाम कुछ इस तरह का होना चाहिए कि वह उसकी सार्थकता भी प्रदान करता हो.

किसी अच्छे नाम की तलाश में ठनठनपाल निकला ही था उसकी मुलाकात एक लकड़ी बेचने वाली महिला से हुई. उसने उसका नाम जानना चाहा. उस महिला ने अपना नाम “लक्षमी” बतलाया. ठनठनपाल ने उससे पूछा कि नाम तो तुम्हारा लक्ष्मी है, फ़िर भी तुम इस तरह गली-गली लकड़ियां बेचती फ़िरती हो? महिला ने कहा- भैया, जब घर में खाना न हो तो लकड़ियां भी बेचनी पड़ती है. ठनठनपाल ने सोचा कि नाम लक्ष्मी होने के बाद भी लकड़ी बेचती है, यह नाम ठीक नहीं है.

बाजार में उसने एक भिखारी को देखा. वह भीख मांग रहा था. उससे पूछने पर पता चला कि उसका नाम “धनपाल” था. ठनठनपाल सोच में पड़ गया कि नाम तो इसका धनपाल है फ़िर भी भीख मांग रहा है ? ऎसा नाम किस काम का ?.

निराश होकर वह घर लौट ही रहा था कि मार्ग से किसी व्यक्ति की शव-यात्रा जा रही थी. उसने किसी से पूछा कि किसकी अर्थी जा रही है? उत्तर मिला कि नगर के सेठ अमरचंदजी की मृत्यु हो गई है.

वह फ़िर सोच में पड़ गया कि अमरचंद को तो अमर होना चाहिए था, फ़िर क्यों मर गए अमरचंद ?

अब उसकी समझ में अच्छी तरह से आ गया था कि पिता ठीक ही कह रहे थे कि नाम का कोई महत्त्व नहीं है. फ़िर उसने अपना वही नाम ठनठनपाल ही रहने दिया.

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-- गोवर्धन यादव

103 कावेरी नगर ,छिन्दवाडा,म.प्र. ४८०००१
07162-246651,9424356400

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