शनिवार, 19 मार्च 2016

समय का महत्व / बाल कलम / सार्थक देवांगन

समय का महत्व

समय हमारे लिए बहुत ज्यादा जरूरी है । हम अगर १ मिनट में एक प्रश्न हल कर सकते हैं तो , हम ३० मिनट में ३० प्रश्न कर सकते है । लेकिन हमने उस में से यदि १ मिनट भी गंवा दिया तो हम उसमें से १ प्रश्न नहीं कर पाएंगे | आज मेरे भाई की परीक्षा थी । वहां पर उसे २ घंटे में ६० प्रश्न दिया , उसने सोचा कि ६० प्रश्न है । और १२० मिनट का समय है , इतने को तो मैं १ ही घंटे में कर डालूंगा और वह अपने दोस्त के साथ बातचीत में लग गया । देखते ही देखते ३० मिनट बीत गया , कक्षा में शिक्षक की फटकार सुनने के बाद उसे समय का होश आया । वह प्रश्न पढ़ने लगा । उसने पाया कि , प्रश्न बड़े कठिन है , अब वह सोचने लगा ये कैसे होगा ? फिर वह हड़बड़ाहट में प्रश्न हल करने लगा ......... उसे पता ही नहीं चला और समय समाप्त हो गया । उसके तो ७ प्रश्न हल करने को अभी भी बाकी है । वह सोचने लगा कि क्या करूं ? उसके ७ अंक कट गये । वह कक्षा में तीसरे स्थान पर आया ।

इसके बाद भी , उसे समझ नहीं आया था कि , समय का क्या महत्व है ? वह अपना समय व्यर्थ के कामों में लगाता रहा । एक दिन वह पापाजी के साथ एक स्पोर्ट्स की दुकान गया । वहां पर एक बैडमिंटन की रैकेट पसंद किया । उसकी कीमत बहुत अधिक थी । पापाजी ने इस रैकेट को कुछ दिनों बाद खरीदने की बात बताते हुए कही कि कुछ दिनों बाद राज्य स्तरीय बैडमिंटन की प्रतियोगिता आयोजित है । यदि तुम इसे जीत जाते हो तो तुम्हें यह रैकेट खरीद दूंगा । इसको जीतने के लिए तुम अभी से मेहनत शुरू कर दो । भइया ने फिर वही गलती की । तैयारी के लिए मिले समय को दूसरे गैर जरूरी कामों में लगा दिया । प्रतियोगिता में इनाम के रूप में वही रैकेट रखी गयी थी जैसे रैकेट भाई चाहता था । तैयारी की कमी के कारण वह जीतने से वंचित हो गया ।

अब वह जाग गया । समय के महत्व को समझ गया । पर अब न परीक्षा हो रही है न प्रतियोगिता । अब कक्षा में प्रथम आने के लिए और बैडमिंटन की प्रतियोगिता जीतने के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ेगा ।

सार्थक देवांगन

रायपुर , 9826157002

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