रचनाकार.ऑर्ग की विशाल लाइब्रेरी में खोजें -
 नाका में प्रकाशनार्थ  रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें.

लघुपत्रिकाएं पिछलग्गू विमर्श का मंच नहीं हैं / चंद्रमौलि चंद्रकांत

साझा करें:

आज के समय में मुख्यधारा की पत्रिकाएं व अखबार कारपोरेट जगत व सम्राज्यवादी ताकतों के प्रभाव में समाहित हो रही है। इस वजह से देश के चौथे स्तंभ...

image

आज के समय में मुख्यधारा की पत्रिकाएं व अखबार कारपोरेट जगत व सम्राज्यवादी ताकतों के प्रभाव में समाहित हो रही है। इस वजह से देश के चौथे स्तंभ के प्रति पाठकों में संशय उत्पन्न होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में लघु पत्रिकाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। आप जितना बेहतर और वैज्ञानिक ढ़ंग से प्रिंट टैक्नोलॉजी के इतिहास से वाकिफ होंगे उतने ही बेहतर ढ़ंग से लघुपत्रिका प्रकाशन को समझ सकते हैं। लघुपत्रिका का सबसे बड़ा गुण है कि इसने संपादक और लेखक की अस्मिता को सुरक्षित रखा है। 

लघुपत्रिकाएं पिछलग्गू विमर्श का मंच नहीं हैं। लघु पत्रिका का चरित्र सत्ता के चरित्र से भिन्न होता है, ये पत्रिकाएं मौलिक सृजन का मंच हैं। साम्प्रदायिकता का सवाल हो या धर्मनिरपेक्षता का प्रश्न हो अथवा ग्लोबलाईजेशन का प्रश्न हो हमारी व्यावसायिक पत्रिकाएं सत्ता विमर्श को ही परोसती रही हैं। सत्ता विमर्श व उसके पिछलग्गूपन से इतर लघु पत्रिकाएं अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता, संघर्षशीलता व सकारात्मक सृजनशीलता की पक्षधर हैं। इन बातों के मद्देनज़र इतना स्पष्ट है कि लघु पत्रिकाओं की आवश्यकता हमारे यहां आज भी है, कल भी थी, भविष्य में भी होगी।  

"धरती" पत्रिका एक प्रतिबद्ध एवं स्तरीय लघु पत्रिका है। आज चकाचौंध वाले इस विमर्शवादी युग में जब अन्य पत्रिकाएं व्यवसायिकता और बाज़ार के प्रभाव में आती जा रही हैं ऐसे वक़्त में भी 'धरती' अपनी विशिष्ट पहचान बचाए हुए है। सादगी, सहजता और जनोन्मुखी स्तरीय सामग्री से समाहित यह पत्रिका अलग से ही पहचान में आ जाती है।  सन १९७९ में 'धरती' पत्रिका का पहला अंक विदिशा जैसी छोटी जगह से प्रकशित हुआ था । उसके बाद कई महत्वपूर्ण अंक धरती ने प्रकाशित किये हैं जिनमें सन १९८० में हिंदी ग़ज़ल विशेषांक, १९८१ में समकालीन जन-कविता अंक, १९८२ में आलोचना अंक, १९८३ में त्रिलोचन  अंक, १९८९ में जनकवि 'शील' अंक, २००० में स्मरण अंक, २००२  में समकालीन जन-कविता विशेषांक, २००६ में शलभ श्रीराम सिंह  अंक, २००९ में 'साम्राज्यवादी संस्कृति बनाम जनपदीय संस्कृति' अंक एवं २०११ में 'कश्मीर केन्द्रित' अंक उल्लेखनीय हैं। 

'धरती' पत्रिका का हिंदी साहित्य में न केवल विशिष्ट योगदान है बल्कि विद्यार्थियों के  लिए सदैव इसकी शोधपरक आवश्यकता रही है। 

१९७९ में धरती पत्रिका का पहला अंक विदिशा जैसी छोटी जगह से प्रकशित हुआ. यह प्रवेशांक था और इसकी अपनी सीमायें थीं..अंक छोटा था सामग्री सीमित. लेकिन 'नई दुनिया' इंदौर के रविवारीय परिशष्ट में स्वर्गीय सोमदत्त ने इसकी चर्चा की। संपादक की दृष्टि और लगन से यह लग रहा था कि भविष्य में यह पत्रिका अपना मुकाम बना सकेगी। इसके एक वर्ष बाद कवि-गीतकार जगदीश श्रीवास्तव के संयुक्त संपादन में पत्रिका का हिंदी ग़ज़ल अंक प्रकाशित होता है। इस अंक में कुछ अधिक परिपक्वता दृष्टिगत होती है। अधिकांश महत्त्वपूर्ण गज़लकारों की गज़लें इसमें आती हैं और ग़ज़लों के ऊपर कुछ आलेख भी इसमें प्रकाशित होते हैं। हिंदी जगत में इसका स्वागत भी होता है और सराहना भी। कई हिंदी अख़बारों और पत्रिकाओं में इस अंक का जिक्र होता है। इस अंक का लोकार्पण विदिशा के म्युनिसिपल हाल में सुप्रसिद्ध चित्रकार भाऊ समर्थ के हाथों सम्पन्न होता है। इसके बाद 'धरती' का समकालीन कविता अंक नांदेड, महाराष्ट्र से प्रकाशित होता है। इस अंक से 'धरती' एक सुनियोजित व परिपक्व पत्रिका बन कर सामने आती है। इस अंक का देश के सभी भागों में बहुत गर्मजोशी से स्वागत होता है। इस अंक में कई महत्त्वपूर्ण कवियों कि कवितायेँ, अनुवाद और स्तरीय आलेख प्रकाशित होते हैं। हिंदी और मराठी पत्र-पत्रिकाओं में इसकी पर्याप्त चर्चा होती है। धरती पत्रिका का सर्वाधिक चर्चित अंक सन १९८३ में इलाहबाद से प्रकाशित होता है। यह कवि त्रिलोचन के कृतित्व पर केन्द्रित होता है। इस अंक में "स्थापना" के अंकों के बाद त्रिलोचन पर महत्त्वपूर्ण सामग्री प्रस्तुत की गई थी। हिंदी जगत की अधिकांश लघुपत्रिकाओं यथा पहल, समवेत, धरातल, कदम से लेकर सारिका, दिनमान और साप्ताहिक हिंदुस्तान जैसी पत्रिकाओं  में इस अंक की चर्चा होती है। त्रिलोचन अंक के पश्चात् 'धरती' हिंदी साहित्य की गिनी चुनी महत्त्वपूर्ण पत्रिकाओं में शामिल हो जाती है। तदुपरांत कानपुर से 'धरती' के तीन सामान्य अंक प्रकाशित होते हैं जिनसे धरती की अपनी पहचान बनी रहती है। 

कानपुर प्रवास के दौरान ही शैलेन्द्र चौहान जन कवि मन्नूलाल शर्मा (त्रिवेदी)  'शील' के घनिष्ठ संपर्क में आते हैं और उनपर धरती का एक अंक निकालने का मन बना लेते हैं। यहां परेशानी यह होती है कि अधिकांश प्रगतिशील-जनवादी धारा के स्थापित रचनाकारों के पास शील जी की रचनाएँ उपलब्ध नहीं होती हैं या उन्होंने पढ़ी नहीं होती हैं। अतः उन पर लिख पाना संभव नहीं हो पाता। दो वर्षों के लगातार प्रयत्नों के बावजूद जब शील जी पर कोई रचनाकार लिखने को तैयार नहीं हुआ तो शैलेन्द्र, धरती में सिर्फ और सिर्फ शील जी की रचनाएँ प्रकाशित करते हैं। उनकी चुनी हुई कवितायेँ, कुछ कहानियां और कुछ लेख। मंतव्य यही कि जिन लोगों ने शील जी को पढ़ा नहीं  कुछ उनकी सहायता ही की जाये। कोटा में भारतेंदु समिति हाल में औपचारिक रूप से इसका लोकार्पण सम्पन्न होता है जिस आयोजन में बावजूद अस्वस्थता के स्वयं शील जी अपने भतीजे के साथ शामिल होते हैं। अंक का लोकार्पण कथाकार हेतु भरद्वाज द्वारा किया जाता है और एक बहुत ही अच्छा पत्र-आलेख सुप्रसिद्ध कवि ऋतुराज प्रस्तुत करते हैं। इस आयोजन में राजस्थान के सभी भागों से कवि-लेखक उपस्थित होते हैं, स्थानीय रचनाकार तो थे ही। इस आयोजन में शिवराम और महेंद्र नेह की भागीदारी अत्यंत महत्त्वपूर्ण होती है, शैलेन्द्र जी का कहना है कि उनके बिना यह कार्यक्रम संभव नहीं हो सकता था। यह सन १९८९ की बात है। 

इसके उपरांत कोई एक दशक तक धरती का प्रकाशन स्थगित रहता है, शायद व्यक्तिगत-पारिवारिक उत्तरदायित्वों के चलते।   सन २००० में नागपुर से एकाएक स्मरण अंक प्रकाशित होता है जिसमे हिंदी के महत्त्वपूर्ण रचनाकारों-आलोचकों की स्थायी महत्व की रचनाएँ शामिल होती है। शैलेन्द्र जी की यह विशेषता है कि वह अपने कार्यों का बहुत प्रचार और विज्ञापन नहीं करते और चुपचाप अपना काम करते रहते हैं। इस अंक का जोरदार स्वागत होता है। नागपुर के हिंदी अंग्रेजी सभी अखबारों में इसका जिक्र होता है। तदुपरांत नागपुर से ही धरती का समकालीन जन कविता अंक प्रकाशित होता है। इस अंक में अनेकों समकालीन रचनाकारों की कवितायेँ शामिल होती हैं। उदय प्रकाश की एक कविता धरती से साभार लोकमत समाचार पत्र में प्रकाशित होती है और वह इतनी पसंद की जाती है की उदय प्रकाश को पहल सम्मान मिलने के लिए रास्ता प्रशस्त कर देती है। नागपुर के बाद इंदौर से 'धरती' का शलभ श्रीराम सिंह अंक सन २००६ में प्रकाशित होता है। इस अंक में शलभ जी का वस्तुपरक और सम्यक मूल्यांकन प्रस्तुत किया जाता है, महिमामंडन भर नहीं। शैलेन्द्र की सम्पादकीय दृष्टि और सूझ-बूझ यहाँ भली भांति परिलक्षित होती है। इस अंक पर 'कृत्या' नामक साहित्यिक वेब पत्रिका की टिपण्णी इस प्रकार है -"शलभ" श्री राम सिंह की कविताएँ ठेठ कस्बई अनुराग से प्लावित होने के कारण ऐसी भाषा में संवाद कर पाती हैं जो केवल अपने लोगों की हो सकती है। शलभ की कविता उस आग की तपन लिए है जो सीधे सीने से निकलती है। 'अभी हाल में ही अनियमित कालीन पत्रिका धरती ने शलभ पर एक विशेषांक निकाला। कृत्या उसी में कुछ कविताओं का चयन कर एक प्रमुख लेख देना चाहेगी। इस के लिए हम "धरती" पत्रिका के आभारी हैं।' 'लेखन' पत्रिका इलाहबाद) ने इस अंक पर विस्तार से चर्चा की। अब २००९  में जयपुर से धरती का 'साम्राज्यवादी संस्कृति बनाम जनपदीय संस्कृति' विषय केन्द्रित अंक निकालता है। यह अंक  बेहद सुगठित और स्तरीय सामग्री के साथ आता है। साहित्य और सामाजिक   विज्ञान के गंभीर छात्रों के लिए एक सन्दर्भ ग्रन्थ की भांति उपयोगी है। धरती का पन्द्रहवां अंक २०११ में कश्मीर की आतंरिक स्थिति एवं भारत की उलझन विषय को केन्द्रित कर प्रकाशित हुआ। इसमें कश्मीर की अंदरूनी स्थितियां एक परिचर्चा के माध्यम से प्रस्तुत की गई हैं, जिसमें कश्मीर का दर्द और वहां के हालत बखूबी बयान  किये गए हैं। लोगों की जानकारी के लिए कश्मीर का संक्षिप्त इतिहास भी दिया गया है। सम्पादकीय, वस्तुस्थिति का परिचायक है और हमारी संवेदना को झकझोरता है। अंक में कुछ अन्य सामग्री भी समाहित है। कला का वजूद, मराठी कविताओं का अनुवाद, कवितायें, आलेख एवं पुस्तक समीक्षा भी समाहित है। यह अंक भी धरती की पूर्व प्रकृति की तरह ही यथेष्ट गंभीर, स्तरीय एवं संग्रहणीय है। 

धरती का ताजा अंक भारतीय मीडिया की वास्तविक भूमिका और जनसरोकारों पर केन्द्रित है। यह अत्यंत महत्वपूर्ण अंक है। इसमें मीडिया विषयक कई सचाई दर्शाने वाले आलेख तो सम्मिलित हैं ही तीन अल​ग-अलग पीढ़ी के कवियों की अच्छी कवितायें भी सम्मिलित हैं। शैलेन्द्र चौहान का सम्पादकीय अत्यंत गंभीर है और समाज, मीडिया, कॉर्पोरेट जगत तथा सत्ता के रिश्तों को बखूबी उजागर करता है वहीँ राजेंद्र यादव के नाम उनका पत्र राजेंद्र जी के वैचारिक खोखलेपन को उद्घाटित करता है। कुल मिला कर यह अंक मीडिया का सच जानने के लिए एक मील का पत्थर है। 

 

मानविकी संकाय,

राष्ट्रिय प्रौद्योगिकी संस्थान,

वारंगल (आ. प्र.)

टिप्पणियाँ

ब्लॉगर

-----****-----

-----****-----

---***---

-----****-----

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

~ विधाएँ ~

* कहानी  || * उपन्यास || * हास्य-व्यंग्य  || * कविता  || * आलेख  || * लोककथा  || * लघुकथा  || * ग़ज़ल  || * संस्मरण  || * साहित्य समाचार  || * कला जगत  || * पाक कला  || * हास-परिहास  || * नाटक  || * बाल कथा  || * विज्ञान कथा  ||  * समीक्षा  ||

---***---


|नई रचनाएँ_$type=complex$count=8$page=1$va=0$au=0

|आपके लिए कुछ चुनिंदा रचनाएँ_$type=blogging$count=8$src=random$page=1$va=0$au=0

नाम

 आलेख ,1, कविता ,1, कहानी ,1, व्यंग्य ,1,14 सितम्बर,7,14 september,6,15 अगस्त,4,2 अक्टूबर अक्तूबर,1,अंजनी श्रीवास्तव,1,अंजली काजल,1,अंजली देशपांडे,1,अंबिकादत्त व्यास,1,अखिलेश कुमार भारती,1,अखिलेश सोनी,1,अग्रसेन,1,अजय अरूण,1,अजय वर्मा,1,अजित वडनेरकर,1,अजीत प्रियदर्शी,1,अजीत भारती,1,अनंत वडघणे,1,अनन्त आलोक,1,अनमोल विचार,1,अनामिका,3,अनामी शरण बबल,1,अनिमेष कुमार गुप्ता,1,अनिल कुमार पारा,1,अनिल जनविजय,1,अनुज कुमार आचार्य,5,अनुज कुमार आचार्य बैजनाथ,1,अनुज खरे,1,अनुपम मिश्र,1,अनूप शुक्ल,14,अपर्णा शर्मा,6,अभिमन्यु,1,अभिषेक ओझा,1,अभिषेक कुमार अम्बर,1,अभिषेक मिश्र,1,अमरपाल सिंह आयुष्कर,2,अमरलाल हिंगोराणी,1,अमित शर्मा,3,अमित शुक्ल,1,अमिय बिन्दु,1,अमृता प्रीतम,1,अरविन्द कुमार खेड़े,5,अरूण देव,1,अरूण माहेश्वरी,1,अर्चना चतुर्वेदी,1,अर्चना वर्मा,2,अर्जुन सिंह नेगी,1,अविनाश त्रिपाठी,1,अशोक गौतम,3,अशोक जैन पोरवाल,14,अशोक शुक्ल,1,अश्विनी कुमार आलोक,1,आई बी अरोड़ा,1,आकांक्षा यादव,1,आचार्य बलवन्त,1,आचार्य शिवपूजन सहाय,1,आजादी,3,आदित्य प्रचंडिया,1,आनंद टहलरामाणी,1,आनन्द किरण,3,आर. के. नारायण,1,आरकॉम,1,आरती,1,आरिफा एविस,5,आलेख,3830,आलोक कुमार,2,आलोक कुमार सातपुते,1,आशीष कुमार त्रिवेदी,5,आशीष श्रीवास्तव,1,आशुतोष,1,आशुतोष शुक्ल,1,इंदु संचेतना,1,इन्दिरा वासवाणी,1,इन्द्रमणि उपाध्याय,1,इन्द्रेश कुमार,1,इलाहाबाद,2,ई-बुक,335,ईबुक,191,ईश्वरचन्द्र,1,उपन्यास,257,उपासना,1,उपासना बेहार,5,उमाशंकर सिंह परमार,1,उमेश चन्द्र सिरसवारी,2,उमेशचन्द्र सिरसवारी,1,उषा छाबड़ा,1,उषा रानी,1,ऋतुराज सिंह कौल,1,ऋषभचरण जैन,1,एम. एम. चन्द्रा,17,एस. एम. चन्द्रा,2,कथासरित्सागर,1,कर्ण,1,कला जगत,105,कलावंती सिंह,1,कल्पना कुलश्रेष्ठ,11,कवि,2,कविता,2770,कहानी,2095,कहानी संग्रह,245,काजल कुमार,7,कान्हा,1,कामिनी कामायनी,5,कार्टून,7,काशीनाथ सिंह,2,किताबी कोना,7,किरन सिंह,1,किशोरी लाल गोस्वामी,1,कुंवर प्रेमिल,1,कुबेर,7,कुमार करन मस्ताना,1,कुसुमलता सिंह,1,कृश्न चन्दर,6,कृष्ण,3,कृष्ण कुमार यादव,1,कृष्ण खटवाणी,1,कृष्ण जन्माष्टमी,5,के. पी. सक्सेना,1,केदारनाथ सिंह,1,कैलाश मंडलोई,3,कैलाश वानखेड़े,1,कैशलेस,1,कैस जौनपुरी,3,क़ैस जौनपुरी,1,कौशल किशोर श्रीवास्तव,1,खिमन मूलाणी,1,गंगा प्रसाद श्रीवास्तव,1,गंगाप्रसाद शर्मा गुणशेखर,1,ग़ज़लें,485,गजानंद प्रसाद देवांगन,2,गजेन्द्र नामदेव,1,गणि राजेन्द्र विजय,1,गणेश चतुर्थी,1,गणेश सिंह,4,गांधी जयंती,1,गिरधारी राम,4,गीत,3,गीता दुबे,1,गीता सिंह,1,गुंजन शर्मा,1,गुडविन मसीह,2,गुनो सामताणी,1,गुरदयाल सिंह,1,गोरख प्रभाकर काकडे,1,गोवर्धन यादव,1,गोविन्द वल्लभ पंत,1,गोविन्द सेन,5,चंद्रकला त्रिपाठी,1,चंद्रलेखा,1,चतुष्पदी,1,चन्द्रकिशोर जायसवाल,1,चन्द्रकुमार जैन,6,चाँद पत्रिका,1,चिकित्सा शिविर,1,चुटकुला,71,ज़कीया ज़ुबैरी,1,जगदीप सिंह दाँगी,1,जयचन्द प्रजापति कक्कूजी,2,जयश्री जाजू,4,जयश्री राय,1,जया जादवानी,1,जवाहरलाल कौल,1,जसबीर चावला,1,जावेद अनीस,8,जीवंत प्रसारण,130,जीवनी,1,जीशान हैदर जैदी,1,जुगलबंदी,5,जुनैद अंसारी,1,जैक लंडन,1,ज्ञान चतुर्वेदी,2,ज्योति अग्रवाल,1,टेकचंद,1,ठाकुर प्रसाद सिंह,1,तकनीक,30,तक्षक,1,तनूजा चौधरी,1,तरुण भटनागर,1,तरूण कु सोनी तन्वीर,1,ताराशंकर बंद्योपाध्याय,1,तीर्थ चांदवाणी,1,तुलसीराम,1,तेजेन्द्र शर्मा,2,तेवर,1,तेवरी,8,त्रिलोचन,8,दामोदर दत्त दीक्षित,1,दिनेश बैस,6,दिलबाग सिंह विर्क,1,दिलीप भाटिया,1,दिविक रमेश,1,दीपक आचार्य,48,दुर्गाष्टमी,1,देवी नागरानी,20,देवेन्द्र कुमार मिश्रा,2,देवेन्द्र पाठक महरूम,1,दोहे,1,धर्मेन्द्र निर्मल,2,धर्मेन्द्र राजमंगल,2,नइमत गुलची,1,नजीर नज़ीर अकबराबादी,1,नन्दलाल भारती,2,नरेंद्र शुक्ल,2,नरेन्द्र कुमार आर्य,1,नरेन्द्र कोहली,2,नरेन्‍द्रकुमार मेहता,9,नलिनी मिश्र,1,नवदुर्गा,1,नवरात्रि,1,नागार्जुन,1,नाटक,90,नामवर सिंह,1,निबंध,3,नियम,1,निर्मल गुप्ता,2,नीतू सुदीप्ति ‘नित्या’,1,नीरज खरे,1,नीलम महेंद्र,1,नीला प्रसाद,1,पंकज प्रखर,4,पंकज मित्र,2,पंकज शुक्ला,1,पंकज सुबीर,3,परसाई,1,परसाईं,1,परिहास,4,पल्लव,1,पल्लवी त्रिवेदी,2,पवन तिवारी,2,पाक कला,22,पाठकीय,61,पालगुम्मि पद्मराजू,1,पुनर्वसु जोशी,9,पूजा उपाध्याय,2,पोपटी हीरानंदाणी,1,पौराणिक,1,प्रज्ञा,1,प्रताप सहगल,1,प्रतिभा,1,प्रतिभा सक्सेना,1,प्रदीप कुमार,1,प्रदीप कुमार दाश दीपक,1,प्रदीप कुमार साह,11,प्रदोष मिश्र,1,प्रभात दुबे,1,प्रभु चौधरी,2,प्रमिला भारती,1,प्रमोद कुमार तिवारी,1,प्रमोद भार्गव,2,प्रमोद यादव,14,प्रवीण कुमार झा,1,प्रांजल धर,1,प्राची,329,प्रियंवद,2,प्रियदर्शन,1,प्रेम कहानी,1,प्रेम दिवस,2,प्रेम मंगल,1,फिक्र तौंसवी,1,फ्लेनरी ऑक्नर,1,बंग महिला,1,बंसी खूबचंदाणी,1,बकर पुराण,1,बजरंग बिहारी तिवारी,1,बरसाने लाल चतुर्वेदी,1,बलबीर दत्त,1,बलराज सिंह सिद्धू,1,बलूची,1,बसंत त्रिपाठी,2,बातचीत,1,बाल कथा,327,बाल कलम,23,बाल दिवस,3,बालकथा,49,बालकृष्ण भट्ट,1,बालगीत,8,बृज मोहन,2,बृजेन्द्र श्रीवास्तव उत्कर्ष,1,बेढब बनारसी,1,बैचलर्स किचन,1,बॉब डिलेन,1,भरत त्रिवेदी,1,भागवत रावत,1,भारत कालरा,1,भारत भूषण अग्रवाल,1,भारत यायावर,2,भावना राय,1,भावना शुक्ल,5,भीष्म साहनी,1,भूतनाथ,1,भूपेन्द्र कुमार दवे,1,मंजरी शुक्ला,2,मंजीत ठाकुर,1,मंजूर एहतेशाम,1,मंतव्य,1,मथुरा प्रसाद नवीन,1,मदन सोनी,1,मधु त्रिवेदी,2,मधु संधु,1,मधुर नज्मी,1,मधुरा प्रसाद नवीन,1,मधुरिमा प्रसाद,1,मधुरेश,1,मनीष कुमार सिंह,4,मनोज कुमार,6,मनोज कुमार झा,5,मनोज कुमार पांडेय,1,मनोज कुमार श्रीवास्तव,2,मनोज दास,1,ममता सिंह,2,मयंक चतुर्वेदी,1,महापर्व छठ,1,महाभारत,2,महावीर प्रसाद द्विवेदी,1,महाशिवरात्रि,1,महेंद्र भटनागर,3,महेन्द्र देवांगन माटी,1,महेश कटारे,1,महेश कुमार गोंड हीवेट,2,महेश सिंह,2,महेश हीवेट,1,मानसून,1,मार्कण्डेय,1,मिलन चौरसिया मिलन,1,मिलान कुन्देरा,1,मिशेल फूको,8,मिश्रीमल जैन तरंगित,1,मीनू पामर,2,मुकेश वर्मा,1,मुक्तिबोध,1,मुर्दहिया,1,मृदुला गर्ग,1,मेराज फैज़ाबादी,1,मैक्सिम गोर्की,1,मैथिली शरण गुप्त,1,मोतीलाल जोतवाणी,1,मोहन कल्पना,1,मोहन वर्मा,1,यशवंत कोठारी,8,यशोधरा विरोदय,2,यात्रा संस्मरण,16,योग,3,योग दिवस,3,योगासन,2,योगेन्द्र प्रताप मौर्य,1,योगेश अग्रवाल,2,रक्षा बंधन,1,रच,1,रचना समय,72,रजनीश कांत,2,रत्ना राय,1,रमेश उपाध्याय,1,रमेश राज,26,रमेशराज,8,रवि रतलामी,2,रवींद्र नाथ ठाकुर,1,रवीन्द्र अग्निहोत्री,4,रवीन्द्र नाथ त्यागी,1,रवीन्द्र संगीत,1,रवीन्द्र सहाय वर्मा,1,रसोई,1,रांगेय राघव,1,राकेश अचल,3,राकेश दुबे,1,राकेश बिहारी,1,राकेश भ्रमर,5,राकेश मिश्र,2,राजकुमार कुम्भज,1,राजन कुमार,2,राजशेखर चौबे,6,राजीव रंजन उपाध्याय,11,राजेन्द्र कुमार,1,राजेन्द्र विजय,1,राजेश कुमार,1,राजेश गोसाईं,2,राजेश जोशी,1,राधा कृष्ण,1,राधाकृष्ण,1,राधेश्याम द्विवेदी,5,राम कृष्ण खुराना,6,राम शिव मूर्ति यादव,1,रामचंद्र शुक्ल,1,रामचन्द्र शुक्ल,1,रामचरन गुप्त,5,रामवृक्ष सिंह,10,रावण,1,राहुल कुमार,1,राहुल सिंह,1,रिंकी मिश्रा,1,रिचर्ड फाइनमेन,1,रिलायंस इन्फोकाम,1,रीटा शहाणी,1,रेंसमवेयर,1,रेणु कुमारी,1,रेवती रमण शर्मा,1,रोहित रुसिया,1,लक्ष्मी यादव,6,लक्ष्मीकांत मुकुल,2,लक्ष्मीकांत वैष्णव,1,लखमी खिलाणी,1,लघु कथा,238,लघुकथा,820,लतीफ घोंघी,1,ललित ग,1,ललित गर्ग,13,ललित निबंध,18,ललित साहू जख्मी,1,ललिता भाटिया,2,लाल पुष्प,1,लावण्या दीपक शाह,1,लीलाधर मंडलोई,1,लू सुन,1,लूट,1,लोक,1,लोककथा,307,लोकतंत्र का दर्द,1,लोकमित्र,1,लोकेन्द्र सिंह,3,विकास कुमार,1,विजय केसरी,1,विजय शिंदे,1,विज्ञान कथा,62,विद्यानंद कुमार,1,विनय भारत,1,विनीत कुमार,2,विनीता शुक्ला,3,विनोद कुमार दवे,4,विनोद तिवारी,1,विनोद मल्ल,1,विभा खरे,1,विमल चन्द्राकर,1,विमल सिंह,1,विरल पटेल,1,विविध,1,विविधा,1,विवेक प्रियदर्शी,1,विवेक रंजन श्रीवास्तव,5,विवेक सक्सेना,1,विवेकानंद,1,विवेकानन्द,1,विश्वंभर नाथ शर्मा कौशिक,2,विश्वनाथ प्रसाद तिवारी,1,विष्णु नागर,1,विष्णु प्रभाकर,1,वीणा भाटिया,15,वीरेन्द्र सरल,10,वेणीशंकर पटेल ब्रज,1,वेलेंटाइन,3,वेलेंटाइन डे,2,वैभव सिंह,1,व्यंग्य,1907,व्यंग्य के बहाने,2,व्यंग्य जुगलबंदी,17,व्यथित हृदय,2,शंकर पाटील,1,शगुन अग्रवाल,1,शबनम शर्मा,7,शब्द संधान,17,शम्भूनाथ,1,शरद कोकास,2,शशांक मिश्र भारती,8,शशिकांत सिंह,12,शहीद भगतसिंह,1,शामिख़ फ़राज़,1,शारदा नरेन्द्र मेहता,1,शालिनी तिवारी,8,शालिनी मुखरैया,6,शिक्षक दिवस,6,शिवकुमार कश्यप,1,शिवप्रसाद कमल,1,शिवरात्रि,1,शिवेन्‍द्र प्रताप त्रिपाठी,1,शीला नरेन्द्र त्रिवेदी,1,शुभम श्री,1,शुभ्रता मिश्रा,1,शेखर मलिक,1,शेषनाथ प्रसाद,1,शैलेन्द्र सरस्वती,3,शैलेश त्रिपाठी,2,शौचालय,1,श्याम गुप्त,3,श्याम सखा श्याम,1,श्याम सुशील,2,श्रीनाथ सिंह,6,श्रीमती तारा सिंह,2,श्रीमद्भगवद्गीता,1,श्रृंगी,1,श्वेता अरोड़ा,1,संजय दुबे,4,संजय सक्सेना,1,संजीव,1,संजीव ठाकुर,2,संद मदर टेरेसा,1,संदीप तोमर,1,संपादकीय,3,संस्मरण,644,संस्मरण लेखन पुरस्कार 2018,128,सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन,1,सतीश कुमार त्रिपाठी,2,सपना महेश,1,सपना मांगलिक,1,समीक्षा,685,सरिता पन्थी,1,सविता मिश्रा,1,साइबर अपराध,1,साइबर क्राइम,1,साक्षात्कार,14,सागर यादव जख्मी,1,सार्थक देवांगन,2,सालिम मियाँ,1,साहित्य समाचार,54,साहित्यिक गतिविधियाँ,183,साहित्यिक बगिया,1,सिंहासन बत्तीसी,1,सिद्धार्थ जगन्नाथ जोशी,1,सी.बी.श्रीवास्तव विदग्ध,1,सीताराम गुप्ता,1,सीताराम साहू,1,सीमा असीम सक्सेना,1,सीमा शाहजी,1,सुगन आहूजा,1,सुचिंता कुमारी,1,सुधा गुप्ता अमृता,1,सुधा गोयल नवीन,1,सुधेंदु पटेल,1,सुनीता काम्बोज,1,सुनील जाधव,1,सुभाष चंदर,1,सुभाष चन्द्र कुशवाहा,1,सुभाष नीरव,1,सुभाष लखोटिया,1,सुमन,1,सुमन गौड़,1,सुरभि बेहेरा,1,सुरेन्द्र चौधरी,1,सुरेन्द्र वर्मा,62,सुरेश चन्द्र,1,सुरेश चन्द्र दास,1,सुविचार,1,सुशांत सुप्रिय,4,सुशील कुमार शर्मा,24,सुशील यादव,6,सुशील शर्मा,16,सुषमा गुप्ता,20,सुषमा श्रीवास्तव,2,सूरज प्रकाश,1,सूर्य बाला,1,सूर्यकांत मिश्रा,14,सूर्यकुमार पांडेय,2,सेल्फी,1,सौमित्र,1,सौरभ मालवीय,4,स्नेहमयी चौधरी,1,स्वच्छ भारत,1,स्वतंत्रता दिवस,3,स्वराज सेनानी,1,हबीब तनवीर,1,हरि भटनागर,6,हरि हिमथाणी,1,हरिकांत जेठवाणी,1,हरिवंश राय बच्चन,1,हरिशंकर गजानंद प्रसाद देवांगन,4,हरिशंकर परसाई,23,हरीश कुमार,1,हरीश गोयल,1,हरीश नवल,1,हरीश भादानी,1,हरीश सम्यक,2,हरे प्रकाश उपाध्याय,1,हाइकु,5,हाइगा,1,हास-परिहास,38,हास्य,58,हास्य-व्यंग्य,68,हिंदी दिवस विशेष,9,हुस्न तबस्सुम 'निहाँ',1,biography,1,dohe,3,hindi divas,6,hindi sahitya,1,indian art,1,kavita,3,review,1,satire,1,shatak,3,tevari,3,undefined,1,
ltr
item
रचनाकार: लघुपत्रिकाएं पिछलग्गू विमर्श का मंच नहीं हैं / चंद्रमौलि चंद्रकांत
लघुपत्रिकाएं पिछलग्गू विमर्श का मंच नहीं हैं / चंद्रमौलि चंद्रकांत
https://lh3.googleusercontent.com/-jfw_WrVy6ZU/VvuIQTVL1tI/AAAAAAAAsrM/DPNY6X6B-uo/image_thumb%25255B1%25255D.png?imgmax=800
https://lh3.googleusercontent.com/-jfw_WrVy6ZU/VvuIQTVL1tI/AAAAAAAAsrM/DPNY6X6B-uo/s72-c/image_thumb%25255B1%25255D.png?imgmax=800
रचनाकार
http://www.rachanakar.org/2016/03/blog-post_576.html
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/
http://www.rachanakar.org/2016/03/blog-post_576.html
true
15182217
UTF-8
सभी पोस्ट लोड किया गया कोई पोस्ट नहीं मिला सभी देखें आगे पढ़ें जवाब दें जवाब रद्द करें मिटाएँ द्वारा मुखपृष्ठ पृष्ठ पोस्ट सभी देखें आपके लिए और रचनाएँ विषय ग्रंथालय खोजें सभी पोस्ट आपके निवेदन से संबंधित कोई पोस्ट नहीं मिला मुख पृष्ठ पर वापस रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार गुरूवार शुक्रवार शनिवार रवि सो मं बु गु शु शनि जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितंबर अक्तूबर नवंबर दिसंबर जन फर मार्च अप्रैल मई जून जुला अग सितं अक्तू नवं दिसं अभी अभी 1 मिनट पहले $$1$$ minutes ago 1 घंटा पहले $$1$$ hours ago कल $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago 5 सप्ताह से भी पहले फॉलोअर फॉलो करें यह प्रीमियम सामग्री तालाबंद है चरण 1: साझा करें. चरण 2: ताला खोलने के लिए साझा किए लिंक पर क्लिक करें सभी कोड कॉपी करें सभी कोड चुनें सभी कोड आपके क्लिपबोर्ड में कॉपी हैं कोड / टैक्स्ट कॉपी नहीं किया जा सका. कॉपी करने के लिए [CTRL]+[C] (या Mac पर CMD+C ) कुंजियाँ दबाएँ