आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

गीता दुबे का कहानी संग्रह - एक फ्रेंड रिक्वेस्ट का लोकार्पण

मन को स्पर्श करती कथाएँ

image

मंगलवार शाम बिष्टुपुर स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस में गीता दुबे की पहली कहानी संग्रह 'एक फ्रेंड रिक्वेस्ट' का लोकार्पण मुख्य अतिथि  शहर के वरिष्ठ साहित्यकार डा. सी.भास्कर राव और विशिष्ट अतिथि साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित  श्रीमती ताला टुडू ने किया. डा. भास्कर राव ने कहा कि गीता दुबे की कहानियाँ भले ही छोटीं हैं लेकिन वे मन को स्पर्श करतीं हैं.

उन्होंने बताया कि कहानी संग्रह की सभी 21 कहानियां डाउन टू अर्थ हैं और समाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती हैं. उन्होंने इस कहानी संग्रह की एक कहानी 'दूसरी प्लेट क्यूँ' का पाठ कर इसके भावनात्मक पक्ष को सामने रखा. साहित्यकार संध्या सिन्हा ने पुस्तक की समीक्षा की और कहानियों के सैद्धांतिक पक्ष को उजागर किया. उन्होंने बताया कि इन कहानियों में नारी विमर्श के साथ बुजुर्ग लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रखा गया है.

image

लेखिका गीता दुबे ने कहा कि सोशल मीडिया ने हमारे जीवन पर काफी असर डाला है, आज की पीढ़ी अपने जीवन में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं चाहती. दो पीढ़ियों के अंतर की टकराहटों को उनकी कहानियां आवाज देती हैं. आँगन बरामदे से फ्लैट से सिकुड़े जीवन की सिसकियों से लेकर सामाजिक बदलाव को इन कहानियों के जरिए कहने की कोशिश की है. श्रीमती ताला टुडू ने इस पुस्तक के लिए गीता दुबे को बधाई दी. स्वागत भाषण सहयोग की सचिव विद्या तिवारी ने दिया.

संचालन उमा सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डा. जूही समर्पिता ने किया. मौके पर काफी संख्या में साहित्यकार और रोटरी क्लब के सदस्य उपस्थित थे.

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.