रचनाकार

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका

धूप के दोहे / गोविन्द सेन

छाया की कीमत बड़ी, घटा धूप का भाव
सूरज अब करने लगा, दुर्जन-सा बर्ताव

लू-लपटों के सामने, प्राणी है लाचार
मानो ऐसे हाल में, पेड़ों का आभार

तेज धूप के ताप को, झेल न पाते लोग
आँखों पर होने लगा, चश्मे का उपयोग

हवा धूल के साथ हो, मचा रही है शोर
दोपहर कटखनी लगे, प्यारी लगती भोर

तेज धूप में जल रहा, देखो सारा गाँव
छाया बैठी सहमकर, पकड़ पेड़ के पाँव

वो गुनगुनी धूप थी, ये कटखनी धूप
धूप बिगाड़े रूप को, धूप निखारे रूप

जब से देखा धूप में, उसको नंगे पाँव
याद रही बस धूप ही, भूल गया मैं छाँव

इसका, उसका, आपका, झुलसा सबका रूप
पापड़ जैसी सेंकती, धरती को ये धूप

छाया को उदरस्थ कर, निश्चल लेटी धूप
भरी दुपहरी में पड़ी, धर अजगर का रूप


धरती से आकाश तक, धूप-धूप बस! धूप
सूख गए तालाब सब, सूख गए हैं कूप

सूरज देखो सिर चढ़ा, खूब बढ़ाए ताप
धूप चढ़ी बाजार में, झुलसेंगे हम-आप

तेज धूप को तज दिया, पकड़े बैठे छाँव
जलती सड़कें देखकर, कैसे उठते पाँव

-राधारमण कॉलोनी, मनावर-454446 जिला-धार [म.प्र.] मो. 09893010439 

एक टिप्पणी भेजें

वाह वाह आदरणीय आनंद आ गया वाकई बहुत खूबसूरत दोहे हुए हैं , हमारा भी मन हो रहा है रचनाकार को कुछ भेजने का इसका बदला रूप देख कर ,कुछ वर्षों से इधर कुछ भेजा नहीं |

बहुत ही अच्छे दोहे हैं

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

रचनाकार में ढूंढें...

आपकी रूचि की और रचनाएँ -

randompost

कहानियाँ

[कहानी][column1]

हास्य-व्यंग्य

[व्यंग्य][column1]

लघुकथाएँ

[लघुकथा][column1]

कविताएँ

[कविता][column1]

बाल कथाएँ

[बाल कथा][column1]

उपन्यास

[उपन्यास][column1]

तकनीकी

[तकनीकी][column1][http://raviratlami.blogspot.com]

वर्ग पहेलियाँ

[आसान][column1][http://vargapaheli.blogspot.com]
[blogger][facebook]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget