ऋतुराज सिंह कौल की चित्र कविताएँ

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

ऋतुराज सिंह वास्तविक बहुमुखी प्रतिभा के धनी रचनाकार हैं. आप कमाल की चित्रकारी करते हैं, कमाल का कार्टून बनाते हैं और कमाल की कविताएँ लिखते हैं. लघु व्यंग्य भी धमाकेदार लिखते हैं. इनके फ़ेसबुक वाल (https://www.facebook.com/rituraj.singhkaul) से साभार कुछ चित्र कविताएँ:

जख़्म का नमकीन होना

clip_image001

गरजती धूप

clip_image002

आँखों का पानी

तुम्हारी आँखों का पानी मर गया
इसलिए नज़र फेर लेता हूँ
की जब नज़र मिले तो
तुम शर्मिंदा न हो

clip_image003

गर्दन तोड़ लेता है

clip_image004

भूख ठूंसता हूँ

clip_image005

जहर बो दूं

clip_image006

मैं किसान हूँ

clip_image007

 

पानी खरोंचता हूँ मैं

image

--- विज्ञापन ---

----------- *** -----------

_____________________________________

1 टिप्पणी "ऋतुराज सिंह कौल की चित्र कविताएँ"

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.