रविवार, 29 मई 2016

ऋतुराज सिंह कौल की चित्र कविताएँ

ऋतुराज सिंह वास्तविक बहुमुखी प्रतिभा के धनी रचनाकार हैं. आप कमाल की चित्रकारी करते हैं, कमाल का कार्टून बनाते हैं और कमाल की कविताएँ लिखते हैं. लघु व्यंग्य भी धमाकेदार लिखते हैं. इनके फ़ेसबुक वाल (https://www.facebook.com/rituraj.singhkaul) से साभार कुछ चित्र कविताएँ:

जख़्म का नमकीन होना

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गरजती धूप

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आँखों का पानी

तुम्हारी आँखों का पानी मर गया
इसलिए नज़र फेर लेता हूँ
की जब नज़र मिले तो
तुम शर्मिंदा न हो

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गर्दन तोड़ लेता है

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भूख ठूंसता हूँ

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जहर बो दूं

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मैं किसान हूँ

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पानी खरोंचता हूँ मैं

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