विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - रचनाकार में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें : rachanakar@gmail.com

ऋतुराज सिंह कौल की चित्र कविताएँ

ऋतुराज सिंह वास्तविक बहुमुखी प्रतिभा के धनी रचनाकार हैं. आप कमाल की चित्रकारी करते हैं, कमाल का कार्टून बनाते हैं और कमाल की कविताएँ लिखते हैं. लघु व्यंग्य भी धमाकेदार लिखते हैं. इनके फ़ेसबुक वाल (https://www.facebook.com/rituraj.singhkaul) से साभार कुछ चित्र कविताएँ:

जख़्म का नमकीन होना

clip_image001

गरजती धूप

clip_image002

आँखों का पानी

तुम्हारी आँखों का पानी मर गया
इसलिए नज़र फेर लेता हूँ
की जब नज़र मिले तो
तुम शर्मिंदा न हो

clip_image003

गर्दन तोड़ लेता है

clip_image004

भूख ठूंसता हूँ

clip_image005

जहर बो दूं

clip_image006

मैं किसान हूँ

clip_image007

 

पानी खरोंचता हूँ मैं

image

रचना कैसी लगी:

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु बेनामी टिप्पणियाँ बंद की गई हैं (आपको पंजीकृत उपयोगकर्ता होना आवश्यक है) तथा साथ ही टिप्पणियों का मॉडरेशन भी न चाहते हुए लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

[facebook][blogger]

MKRdezign

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

Blogger द्वारा संचालित.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget