गुरुवार, 30 जून 2016

कला और कृत्रिमता / कहानी / राय कृष्णदास

सम्राट् ने एक महल बनाने की आशा दी-अपने वैभव के अनुरूप, अपूर्व सुख और सुखमा की सीमा । देश-भर के बड़े-बड़े स्थपतियों का दिमाग उसी का नक्शा तैया...

चिकित्सा समर्पण और त्याग का पेशा / डा. सूर्यकांत मिश्रा

1 जून डॉक्टर्स डे पर विशेष चिकित्सा समर्पण और त्याग का पेशा आजीविका चलाने के लिए मनुष्य अनेक प्रकार के सेवा के क्षेत्रों को अपना कर्म बनाता...

तिलक, जनैऊ एवं शिखा बनाम आध्यात्म / आनन्द किरण (करण सिंह) शिवतलाव

भारतीय समाज में तिलक, जनेऊ एवं शिखा को धर्म से जोडकर ब्राह्मण वर्ग द्वारा आध्यात्म को परिभाषित करने का प्रयास किया गया है । अत: इनकी प्रासं...

अनुभव / कहानी / जयश्री जाजू

अनुभव आज ही मुझे अपनी नौकरी के लिए जाना था। मैं बड़ी उत्साहित थी क्योंकि मैं घर के साथ बाहर की दुनिया में भी कदम रखने वाली थी। बचपन से ही मै...

बाल कविताएँ / सागर यादव 'जख्मी

1.  (चोरी करना पाप है ) चूहे चाचा उठा रखे थे सिर पे सारा मुहल्ला जाने कौन चुरा ले गया था उनका प्यारा बल्ला बिना बल्ले के वे कैसे क्रि...

शबनम शर्मा की कविताएँ

वो ज़िन्दगी के हर पहर में, वो जुझती सी औरत, कौन? मुँह अंधेरे उठकर, काम में लगती, कभी बच्चों, तो कभी पति को तकती, हर दम दबी-घुटी, सबकी फरमाई...

बदल गए हैं महानता के मानदण्ड - डॉ. दीपक आचार्य

9413306077 www.drdeepakacharya.com हमारी सारी जीवनपद्धति अब पराश्रित हो गई है। हमारा प्रत्येक कर्म औरों पर आश्रित हो गया है।  हम खुद क्...

यों पाएं बीमारियों से मुक्ति - डॉ. दीपक आचार्य

9413306077 www.drdeepakacharya.com बीमारियों का मूल कारण बैक्टीरिया, कीटाणुओं का संक्रमण और अंग-उपांगों की किसी भी प्रकार की खामी होने ...

कब तक पालते रहें इन्हें ? - डॉ. दीपक आचार्य

9413306077 www.drdeepakacharya.com जाने कब से बोलते और सुनते आए हैं - अजगर करे न चाकरी पंछी करे न काज, दास मलूका कह गए सबके दाता राम। मलूक...

प्राची - जून 2016 / पाठकीय / साहित्य समाचार

आपने कहा है संपादकीय का रंग मैं कई वर्षो से प्राची पढ़ रहा हूं. कविता, कहानी, समीक्षा, आलेख का अपना अलग रंग है. परंतु संपादकीय इस पत्रिका...

प्राची - जून 2016 / संस्कृति / सिंहस्थ महाकुंभ 2016 उज्जैन / डॉ. प्रभु चौधरी

संस्कृति सिंहस्थ महाकुंभ 2016 उज्जैन (संक्षिप्त विवेचन) डॉ . प्रभु चौधरी भा रत के हृदय स्थल मध्यप्रदेश में क्षिप्रा नदी के तट पर उज्जै...

प्राची - जून 2016 / ‘पत्रकारिता तब ‘मिशन’ थी, अब एक संजीदा सवाल / डॉ. मधुर नज्मी

‘पत्रकारिता तब ‘मिशन’ थी, अब एक संजीदा सवाल डॉ. मधुर नज्मी स मयवेत्ता, युगचेता कबीर की साखी की यह पंक्ति ‘हम घर जास्या आपणां, लिया मुराड़ा...

प्राची - जून 2016 / आलेख भूमण्डलीकरण के द्वन्द्व में पिसती ग्रामीण अर्थव्यवस्था / राम शिव मूर्ति यादव

आलेख भूमण्डलीकरण के द्वन्द्व में पिसती ग्रामीण अर्थव्यवस्था राम शिव मूर्ति यादव ‘ग रीबी बनाम अमीरी’ एवं ग्रामीण बनाम शहरी की बहस बड़ी पु...

प्राची - जून 2016 / शोध आलेख / पुराख्यान तथा मिथकीय काव्यभूमि - ‘‘कनुप्रिया’’ / डॉ. सीमा शाहजी

शोध आलेख पुराख्यान तथा मिथकीय काव्यभूमि - ‘‘कनुप्रिया’’   डॉ . सीमा शाहजी क वि धर्मवीर भारती ने पुराख्यान तथा मिथकों पर आधारित सशक्त क...

प्राची - जून 2016 / हास्य-व्यंग्य / गड्ढों का सीक्रेट दिनेश बैस

यहां वहां की गड्ढों का सीक्रेट दिनेश बैस भा रतीय फैशन शास्त्र में जून का महीना गड्ढों के नाम समर्पित होता है. कार्यालयों के, वित्तीय सं...

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------