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प्रसून जैन की बोलती कलाकृतियाँ

किसी भी सृजनधर्मी के लिए अनंत अवसर हैं. अनंत फलक है, असीमित कैनवस है. कला सृजन के क्षेत्र में अति प्रशंसित और पुरस्कृत, प्रसून जैन के बनाए पेपर आर्ट को देखकर यह तमाम बातें एक बार और पुख्ता होती प्रतीत होती हैं.

रंग बिरंगे कागज के टुकड़ों को जोड़ मोड़ कर बनाई गई ये कलाकृतियाँ कलाप्रेमियों की कल्पनाशीलता को विविध, असीमित आयाम देने में सक्षम हैं. एक नजर से देखेंगे तो ये लोक-कला के किसी फ़ॉर्म की तरह दिखाई देंगे, तो दूसरी तरफ अगर ध्यानपूर्वक समीक्षित दृष्टि डालेंगे तो  परिपूर्ण प्रायोगिकता ओढ़े मॉडर्न-आर्ट के किसी हिस्से को पारिभाषित करते प्रतीत होंगे.

प्रसून जैन के पेपर आर्ट में जहाँ एक और ठेठ गंवई छवि दिखाता दुनाली लिए पग्गड़धारी व्यक्ति है तो दूसरी और रोबॉटिक आदमी का भी अस्तित्व है. वहीं – दो मुंहे व्यक्तित्व का भी प्रदर्शन है जो हम सबके आधुनिकता ओढ़े दोहरे चरित्र वालों का आईना स्वरूप है.

प्रसून जैन का प्रकृति प्रेम भी उनकी कलाकृतियों में झलकता है, और उन्होंने इसे प्रदर्शित करने का नया और नायाब तरीका ईजाद किया है. सुपरमैन के दोनों हाथों में विराजे तमाम किस्म की चिड़िया विराजी हुई हैं जो यह बताती हैं कि पर्यावरण से हो रहे नुकसान की वजह से धरती पर चिड़ियों का अस्तित्व खतरे में है और कोई सुपरमैन ही अब उन्हें बचा सकता है.

कलाकृतियों के सृजन के समय अकसर प्रायोगिकता के नाम पर  सूक्ष्मता और सफाई से दूरी बनाए ऱखने की लिबर्टी ले ली जाती रही है. मगर प्रसून जैन ने रंगों के चयन से लेकर आकार गढ़ने तक सूक्ष्मता और सफाई का पूरा ध्यान रखा है जो उनके एक उम्दा दर्जे के कलाकार होने के गुणों को पूरा बयान करता है. एक तरह से अभी तो प्रसून जैन ने कलाजगत में अपने शुरुआती कदम ही धरे हैं, और उनके इन पुख्ता कदमों, सधी चाल से हम अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी मंजिलें क्या होंगी. 

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प्रसून जैन की कलाकृतियाँ और उत्तम समीक्षा

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