मंगलवार, 26 जुलाई 2016

राष्ट्रीय ख्याति के अम्बिका प्रसाद दिव्य पुरस्कारों हेतु पुस्तकें आमंत्रित

साहित्यिक समाचार
---------------------
राष्ट्रीय ख्याति के अम्बिका प्रसाद दिव्य पुरस्कारों हेतु पुस्तकें आमंत्रित 
-------------------------------------------------------------------------------
साहित्य सदन , भोपाल द्वारा राष्ट्रीय ख्याति के उन्नीसवे अम्बिका प्रसाद दिव्य स्मृति प्रतिष्ठा पुरस्कारों हेतु साहित्य की अनेक विधाओं में पुस्तकें आमंत्रित की गई हैं । उपन्यास, कहानी, कविता, व्यंग, निबन्ध एवं बाल साहित्य विधाओं पर , प्रत्येक के लिये इक्कीस सौ रुपये राशि के पुरस्कार प्रदान किये जायेंगे । दिव्य पुरस्कारों हेतु पुस्तकों की दो प्रतियाँ , लेखक के दो छाया चित्र एवं प्रत्येक विधा की प्रविष्टि के साथ दो सौ रुपये प्रवेश शुल्क भेजना होगा । हिन्दी में प्रकाशित पुस्तकों की मुद्रण अवधि 1जनवरी 2014 से लेकर 31 दिसम्बर 2015 के मध्य होना चाहिये । राष्ट्रीय ख्याति के इन प्रतिष्ठा पूर्ण चर्चित दिव्य पुरस्कारों हेतु प्राप्त पुस्तकों पर गुणवत्ता के क्रम में दूसरे स्थान पर आने वाली पुस्तकों को दिव्य प्रशस्ति -पत्रों से सम्मानित किया जायेगा । श्रेष्ठ साहित्यिक पत्रिकाओं के संपादकों को भी दिव्य प्रशस्ति - पत्र प्रदान किये जायेंगे ।

अन्य जानकारी हेतु मोबाइल नं. 09977782777, दूरभाष - 0755-2494777एवं ईमेल - jagdishlinjalk@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है । पुस्तकें भेजने का पता है - श्रीमती राजो किंजल्क , साहित्य सदन , 145-ए, सांईनाथ नगर , सी - सेक्टर , कोलार रोड, भोपाल- 462042 । पुस्तकें प्राप्त होने की अंतिम तिथि है 30 दिसम्बर 2016 । कृपया प्रेषित पुस्तकों पर पेन से कोई भी शब्द न लिखें ।
( जगदीश किंजल्क )
संपादक : दिव्यालोक

संयोजक: दिव्य पुरस्कार


साहित्य सदन 145-ए, सांईनाथ नगर , सी- सेक्टर
कोलार रोड , भोपाल ( मध्य प्रदेश ) -462042
मोबा : 09977782777
ईमेल: jagdishkinjalk@gmail.com

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.अपनी रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------