मंगलवार, 30 अगस्त 2016

जरूरी है स्वाध्याय / हरदेव कृष्ण

हिन्दी साहित्य के संदर्भ में इस बात का रोना रोया जाता है कि पाठक नहीं है। खासकर बालकों के संदर्भ में। लेकिन यह धारणा पूरी तरह सत्य नहीं है।...

आइडियल डैड वि. अड़ियल डैड / व्यंग्य / गणेश सिंह

देखिये, ये जो हमारा इण्डिया है न इसमें मुख्यतः दो तरह के डैड पाये जाते हैं। एक आइडियल डैड जो बड़े - बड़े शहरों में होते हैं और दूसरा अड़ियल डै...

किस्सा - ए - रिन्द / कहानी / गणेश सिंह

(किस्सा - ए - रिन्द ) मधेसर बाबा अपने ज़माने के मशहूर पियक्कड़ रह चुके हैं। उम्र अस्सी साल के करीब है और हालत यह की कब गांववालों को ब्रह्म-भो...

दुख का मनका / कहानी / भरत त्रिवेदी

सूरज सर पर चढ़ आया है। चमचमाती धूप की किरणें फर्श, दीवान, बिस्तर से आगे बढ़ते बढ़ते त्यागी जी के लौकिक और पारलौकिक ज्ञान, सम्पन्नता और वैभव...

---प्रेम तत्वामृत---- डा श्याम गुप्त.....

                            . .   ---प्रेम तत्वामृत----                भारत ही नहीं अपितु विश्वभर में प्रेम के अधीक्षक श्रीकृष्ण ----राधा...

रविवार, 28 अगस्त 2016

'अकाल में उत्सव ' पंकज सुबीर के उपन्यास की समीक्षा

समीक्षा 'अकाल में उत्सव ' उपन्यास उपन्यासकार - पंकज सुबीर समीक्षक – सरस दरबारी पंकज सुबीर जी की अब तक की सारी कृतियाँ पढ़ चुकी ...

चिकित्सा का चक्कर / हास्य - व्यंग्य / बेढब बनारसी

मैं बिलकुल हट्टा-कट्टा हूं । देखने में मुझे कोई भला 'आदमी रोगी नहीं कह सकता । पर मेरी कहानी किसी भारतीय विधवा से कम करुण नहीं है, यद्यप...

एक अदने की, तनिक साहित्यिक किस्म की बात ... सुशील कुमार शर्मा

सुशील कुमार की कविताएँ एक अदने की बात   हे महान साहित्य सम्राटो । मत रौंदो अपने अहंकार के तले। नन्हे पौधों की कोपलों को।   तुम्हारे ताज म...

सुराख वाले छप्पर / लघुकथा / आशीष कुमार त्रिवेदी

  बस्ती आज सुबह सुबह चंदा के विलाप से दहल गई. उसका पति सांप के डसने के कारण मर गया था. यह मजदूरों की बस्ती थी जो छोटे मोटे काम कर जैसे तैसे...

शनिवार, 27 अगस्त 2016

पौराणिक बाल कहानी - सात दिनों का पहरा

युग युग की कहानियाँ संकलन - शांता रगाचारी चित्रांकन - पी खेमराज अनुवाद - मोहिनी राव प्रकाशक - नेशनल बुक ट्रस्ट इंडिया प्राचीन काल में...

दाना मांझी के नाम एक पत्र - शशिकांत सिंह 'शशि'

दाना मांझी के नाम एक पत्र भई दाना मांझी        नमस्कार        उम्मीद है कि अगले चुनावों तक तुम सुकशल रहोगे। रहना भी चाहिए आखिर चुनाव एक लोक...

शुक्रवार, 26 अगस्त 2016

प्रमोद यादव के कंप्यूटर चित्र - बरसात

प्रमोद यादव गया नगर, दुर्ग, छत्तीसगढ़

खेल संघों में न हो नौकरशाही और राजनीति ० ठोस और पारदर्शी रणनीति की जरूरत / सूर्यकांत मिश्रा

29 अगस्त खेल दिवस पर विशेष... खेल संघों में न हो नौकरशाही और राजनीति ० ठोस और पारदर्शी रणनीति की जरूरत ओलंपिक खेलों के 31वें आयोजन ने हमें...

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