आलेख || कविता ||  कहानी ||  हास्य-व्यंग्य ||  लघुकथा || संस्मरण ||   बाल कथा || उपन्यास || 10,000+ उत्कृष्ट रचनाएँ. 1,000+ लेखक. प्रकाशनार्थ रचनाओं का  rachanakar@gmail.com पर स्वागत है

-------------------

परसाई के जन्म दिन पर विशेष श्रृंखला हेतु अपने लेख, व्यंग्य, हास्य-व्यंग्य कविताएँ भेजें

प्रसिद्ध व्यंग्यकार, समीक्षक और  लेखक श्री एम.एम. चन्द्रा  ने अपने निम्न पत्र में 10 अगस्त - 21 अगस्त के बीच परसाई सीरीज के तहत रचनाएँ प्रकाशित करने का आग्रह किया है -

 

10   अगस्त को परसाई जी की पुण्य तिथि है और इसी माह 21 अगस्त को परसाई का जन्म दिन, आप के द्वारा समय समय पर साहित्यिक गतिविधियों को बहुत ही सजगता के साथ प्रस्तुत किया जाता रहा है. हमारा  आपसे निवेदन है कि 10 अगस्त से 21 अगस्त तक ऊनके रचनाकर्म पर आलेख आमंत्रित किये जायें और और उनका प्रकाशन आपके माध्यम से किया जाये. 

उन्होंने साहित्य और समाज की चेतना को विकसित करने का एक अनोखा काम किया जिसको कोई भी भुला नहीं सकता है. उन्होंने साहित्य व्यंग्य विधा को उस मुकाम तक पहुंचाया जहाँ तक साहित्य का उद्देश्य माना जाता है . आज साहित्यिक समाज में बहुत से साहित्यकार व्यंग्य में निरन्तर लिख रहे हैं.

सभी लेखक परसाई को अपना आदर्श जरूर मानते हैं लेकिन उनके समग्र दृष्टिकोण के बारे में आज भी विभ्रम की स्थिति है. सब अपने अपने तरीके से और अपनी सहूलियत के हिसाब से उनको अपना रहे हैं. कभी कभी लोग जाने अनजाने में उनके विचारो को विकृत कर जाते हैं.

अतः इस माध्यम से हम उनको एक सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं. मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको हमारा प्रस्ताव पसंद आएगा. इस प्रस्ताव के फोर्मेट को आप अपनी सुविधा अनुसार भी बदल सकते हैं. हम भी कुछ लेख इस सीरिज पर तैयार कर रहे हैं. आपकी अनुमति की प्रतीक्षा में ..

 

 

एम.एम चन्द्रा

 

यह प्रस्ताव बहुत ही अच्छा है. पहल के लिए एम.एम. चन्द्रा जी का आभार, एवं प्रकाशनार्थ उनके लेखों की प्रतीक्षा में.

आप सभी सृजनधर्मियों  से भी आग्रह है कि इस हेतु अपने लेख, व्यंग्य (परसाई को समर्पित नए  हास्य-व्यंग्य  रचनाओं का भी स्वागत है ), हास्य-व्यंग्य कविताएँ आदि यथाशीघ्र प्रेषित करें, ताकि इस आयोजन को सफल बनाया जा सके.

सं.

टिप्पणियाँ

----------

10,000+ रचनाएँ. संपूर्ण सूची देखें.

अधिक दिखाएं

ऑनलाइन हिन्दी वर्ग पहेली खेलें

---

तकनीक व हास्य -व्यंग्य का संगम – पढ़ें : छींटे और बौछारें

Google+ Followers

फ़ेसबुक में पसंद/अनुसरण करें

परिचय

1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही रचनाकार से जुड़ें.

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है. अपनी रचनाएं इस पते पर ईमेल करें :

rachanakar@gmail.com

अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

डाक का पता:

रचनाकार

रवि रतलामी

101, आदित्य एवेन्यू, भास्कर कॉलोनी, एयरपोर्ट रोड, भोपाल मप्र 462030 (भारत)

कॉपीराइट@लेखकाधीन. सर्वाधिकार सुरक्षित. बिना अनुमति किसी भी सामग्री का अन्यत्र किसी भी रूप में उपयोग व पुनर्प्रकाशन वर्जित है.

उद्धरण स्वरूप संक्षेप या शुरूआती पैरा देकर मूल रचनाकार में प्रकाशित रचना का साभार लिंक दिया जा सकता है.


इस साइट का उपयोग कर आप इस साइट की गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं.