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लघु कथाः वफादारी / गिरधारी राम

एक कूड़ा बिनने वाला लड़का कोई चौदह-पंद्रह साल का होगा मैले-कुचले, फटे कपड़े पहन रखा था। शाम के समय कूड़ेदान के आस-पास कूड़ा बिन रहा था। उसके पास एक बोरी में कूड़ा इक्कठा हुए था ( उपयोगी कूड़े जैसे प्लास्टिक, लोहा, पेपर, या टूटी-फूटी चीजें जिसको रिसायकिल किया जा सके) और कुछ अभी ढूँढ रहा था तभी उसको आठ-दस की संख्या में कुत्ते उसको घेर लिए और जोर-जोर से भौंकने लगे, लगता था कि उस लड़के को अभी कुत्ते काट ही लेंगे चोर समझ कर।

वह लड़का रुक गया और घबराकर जोर-जोर से आवाज देने लगाः सुमित..........सुमित........सुमित......! तुम कहाँ हो.............?

अभी भी कुत्ते उसे घेरे हुए थे और उस लड़के को या उसके समान को नोचने वाले ही थे, फिर एक बार वह लड़का और जोर-जोर से आवाज देने लगाः सुमित.........सुमित............सुमित.............!

लड़के की आवाज सुनकर एक सफेद रंग का कुत्ता उन कुत्तों के पीछे से दुम हिलाता हुआ उस लड़के के पास पहुँच गया, वह लड़का कुत्ते को पुचकारने लगा और निर्भीक हो गया, तभी बाकी के कुत्ते वहाँ से दूर खिसक गये।

वह लड़का उस सुमित (कुत्ता) से बात कर रहा था और सुमित से बोलाः देखा सुमित ये सब मुझे काटने के लिए आये थे तुम आ गये तो ये कुत्ते सब जा रहे है।

वह कुड़ा वाला उस कुत्ते को रोज कुछ न कुछ खिलाता था आज उसका फर्ज निभाया था वफादारी निभाई उसको काटने से बचाकर।

सुमित ने तो वफादारी निभाई पर ये मनुष्य कब सबक लेगा? वह लड़का मन ही मन सोच रहा था।

समाप्त

 

न्यूजलपाईगुड़ी

गिरधारी राम, फोनः9434630244, 8518077444

पताः 3/E, D.S. कालोनी, न्यूजलपाईगुड़ी, भक्तिनगर,जलपाईगुड़ी,प.बं. पिनः734007

ईमेलः giri.locoin@gmail.com

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गिरधारी जी, वाह! बढ़िया कहानी के लिए साधुवाद!

अच्छी लघुकथा

प्रतुलजी धन्यबाद

धर्मवीरजी धन्यबाद


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