सोमवार, 26 सितंबर 2016

बाल कहानी - सूजी-पोपो और जन्मदिन की पार्टी - उपासना बेहार

 

घूंधराले वालों वाली सूजी एक प्यारी सी बच्ची थी. वह कक्षा 4 में पढ़ती थी. एक दिन सूजी अपने दोस्त अकबर के घर गई तो देखा कि उसके हाथ में सफेद रुई जैसे बिल्ली के 2 छोटे बच्चे हैं. बच्चे बहुत ही सुंदर और नाजुक थे, इतने छोटे बिल्ली के बच्चों को उसने पहली बार देखा था. “ कितने प्यारे बच्चे हैं, काश मेरे पास भी ये होते” सूजी दुखी हो कर बोली. अकबर ने कहा “इनमें से एक बच्चा तुम रख सकती हो, ये तुम्हारे जन्मदिन का गिफ्ट है”. कुछ दिनों बाद ही सूजी का जन्मदिन आने वाला था. “सच में, मैं अभी घर जा कर मां को इसे दिखाती हूँ”. सूजी खुशी से चहक उठी और बिल्ली के बच्चे को लेकर घर की ओर दौड़ लगा दी. “मम्मी देखो अकबर ने मुझे जन्मदिन में क्या गिफ्ट दिया है”. मम्मी ने उसके हाथ में सफेद छोटा सा बिल्ली का बच्चा देखा. सूजी ने खुश होते हुए कहा “मम्मी हम इसका नाम पोपो रखेगें”. मम्मी ने तुरंत पोपो के लिए एक बक्से में कपड़े और रुई लगा कर घर बना दिया और उसे सूजी के कमरे में रख दिया. सूजी पोपो के साथ खेलने में लग गई. शाम में सूजी ने अपने दोस्तों को पोपो से मिलवाया.

सूजी के जन्मदिन को एक दिन बाकी था, मम्मी ने उससे कहा कि वह अपने सभी दोस्तों को कल उसके जन्मदिन की पार्टी के लिए घर आने का न्यौता दे आये. जब वह अकबर के घर गयी तो अकबर ने कहा “सूजी हमें पोपो का जन्मदिन भी मनाना चाहिए”. सूजी सोच में पड़ गई.

वह घर आई और मम्मी से कहा “मम्मी मेरे जन्मदिन के दिन पोपो का भी जन्मदिन मनायेगें. मम्मी उसकी बात सुन कर हँस पड़ी और कहा “जानवररों का भी कोई जन्मदिन होता हैं”. “मम्मी अगर हमारा जन्मदिन हो सकता है तो जानवरों का क्यों नही? वैसे भी पोपो जानवर नही है वो मेरा सबसे अच्छा दोस्त हैं.’ सूजी दुखी हो गई. तब मम्मी ने कहा “ठीक है हम तुम्हारे जन्मदिन के साथ साथ उसका भी जन्मदिन मनायेगें”.सूजी ने खुश होकर कहा “थैंकयू मम्मी”.

सूजी ने अपने जन्मदिन के दिन पोपो के बालों में कंघी की,गले में लाल रंग का रिबन बांध कर उसे तैयार किया. धीरे धीरे सूजी के सभी दोस्त आ गये. अब केक काटने का समय आ गया था. टेबल में एक बड़ा और एक छोटा केक का डब्बा रखा था. सब सोच रहे थे कि ‘आज तो केवल सूजी का जन्मदिन है पर यहाँ तो दो केक रखे हैं,दूसरा कौन है जिसका आज जन्मदिन है?’

जब केक काटने का समय आया, तब सभी बच्चों ने कहा “अंकल आज तो केवल सूजी का जन्मदिन है फिर ये छेाटा वाला केक किसके लिए है?” सूजी के पापा ने कहा “बच्चों अभी थोड़ी देर में पता चल जायेगा तब तक सूजी बड़े वाले केक को काटेगी”. सूजी ने केक को काटा और सबने तालीयां बजायी। फिर छोटा केक खोला गया जिसमें लिखा था ‘जन्मदिन की बधाई पोपो’. तब सब बच्चों के सामने छोटे केक का राज खुला.आज सूजी के साथ साथ पोपो का भी जन्मदिन मनाया जा रहा है. सभी बच्चे बहुत खुश हुए और बच्चों ने पोपो को भी जन्मदिन की बधाई दी और दो-दो केक खाने के मजे लिए. पोपो भी मियाऊ मियाऊ करता बच्चों के आसपास घूमता रहा.

ई मेल- upasana2006@gmail.com

0 blogger-facebook

एक टिप्पणी भेजें

रचनाओं पर आपकी बेबाक समीक्षा व अमूल्य टिप्पणियों के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद.

स्पैम टिप्पणियों (वायरस डाउनलोडर युक्त कड़ियों वाले) की रोकथाम हेतु टिप्पणियों का मॉडरेशन लागू है. अतः आपकी टिप्पणियों को यहाँ प्रकट होने में कुछ समय लग सकता है.

----

प्रकाशनार्थ रचनाएँ आमंत्रित हैं...

1 करोड़ से अधिक पृष्ठ-पठन, 1.5 लाख गूगल+ अनुसरणकर्ता, 1500 से अधिक सदस्य

/ 2,500 से अधिक नियमित ग्राहक तथा 2000 से अधिक फ़ेसबुक प्रसंशक
/ प्रतिमाह 10,00,000(दस लाख) से अधिक पाठक
/ 10,000 से अधिक हर विधा की साहित्यिक रचनाएँ प्रकाशित
/ आप भी अपनी रचनाओं को इंटरनेट के विशाल पाठक वर्ग का नया विस्तार दें, आज ही नाका से जुड़ें. नाका में प्रकाशनार्थ रचनाओं का स्वागत है.किसी भी फ़ॉन्ट, टैक्स्ट, वर्ड या पेजमेकर फ़ाइल में रचनाएँ rachanakar@gmail.com पर ईमेल करें. अधिक जानकारी के लिए यह लिंक देखें - http://www.rachanakar.org/2005/09/blog-post_28.html

विश्व की पहली, यूनिकोडित हिंदी की सर्वाधिक प्रसारित, समृद्ध व लोकप्रिय ई-पत्रिका - नाका

मनपसंद रचनाएँ खोजकर पढ़ें
गूगल प्ले स्टोर से रचनाकार ऐप्प https://play.google.com/store/apps/details?id=com.rachanakar.org इंस्टाल करें. image

--------